सदर अस्पताल में हुए लावारिस शवों के दाह संस्कार का मांगा हिसाब

हिन्दुस्तान, सीवान
Follow us on Google News
share

वीआईपी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास यादव ने सदर अस्पताल के सिविल सर्जन व अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 18 घंटे बिजली सप्लाई होती है, लेकिन भुगतान 18 घंटे के जनरेटर का होता है। उन्होंने आरोप की जांच की मांग की है और कहा कि अनाधिकृत नर्सिंग होम चल रहे हैं।

सदर अस्पताल में हुए लावारिस शवों के दाह संस्कार का मांगा हिसाब

सीवान। वीआईपी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास यादव ने प्रेसवार्ता कर सदर अस्पताल के सिविल सर्जन व अधीक्षक को निशाने पर लिया है। उन्होंने प्रेसवार्ता कर बताया कि सदर अस्पताल में तकरीबन 18 घंटे बिजली सप्लाई होती है ,लेकिन अस्पताल प्रशासन 18 घंटा का जनरेटर चलाने का भुगतान करता है।

आरोप और स्थिति

उन्होंने बताया कि पिछले दिनों सिविल सर्जन ने मेरे द्वारा लोगों को सदर अस्पताल से बहला फुसला कर रुपए के लालच में निजी नर्सिंग होम में इलाज कराने के लिए भेजने का आरोप लगाया था। उन्होंने मेरे अस्पताल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि अब 11 अगस्त को उन्होंने प्रतिबंध खत्म करते हुए मुझे अस्पताल में इलाज कराने व अपने सगे संबंधियों को इलाज कराने की अनुमति दी है। लेकिन मैंने मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता, सूबे के स्वास्थ्य मंत्री, परिवहन मंत्री, विभाग के सचिव व डीएम को ज्ञापन देकर उनके ऊपर लगाए गए आरोप की जांच कराने की मांग की है। जांच में दोषी पाए जाने पर मुझ पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है।

लावारिस शव और नर्सिंग होम

उन्होंने सिविल सर्जन से 2005 से 2025 तक कितने लावारिसों का दाह संस्कार किया गया, इसकी जानकारी मांगी। बताया कि उनके स्तर से अब तक करीब 200 से अधिक लावारिसों का दाह संस्कार कर चुका हूं। लेकिन उसके नाम पर अस्पताल प्रशासन पैसे का भुगतान कर लेती है। वीआईपी जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिले में करीब 500 से अधिक नर्सिंग होम संचालित है, यह सिविल सर्जन व अधीक्षक की देखरेख में चलता है। गौर करें तो करीब 70 से 72 नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन है, अन्य नर्सिंग होम अनाधिकृत रूप से अपने नर्सिंग होम का संचालन कर रहे हैं।

सामान्य प्रश्न

✦वीआईपी जिलाध्यक्ष ने किस पर आरोप लगाए हैं?−
वीआईपी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास यादव ने सदर अस्पताल के सिविल सर्जन व अधीक्षक पर आरोप लगाए हैं।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsसदर अस्पताल में हुए लावारिस शवों के दाह संस्कार का मांगा हिसाब