कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पहुंचे बवाल के आरोपी, एक घंटे की सुनवाई के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत
कमिश्नरी कार्यालय के बाहर हुए बवाल के मामले में आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। एसीजेएम-10 ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था में खलल डालने के नाम पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी दिग्विजय भाटी पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

कमिश्नरी कार्यालय के बाहर हुए बवाल, सड़क जाम और बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया गया। सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुई सुनवाई लगभग 12:15 बजे तक चली। सुनवाई पूरी होने के बाद एसीजेएम-10 ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। आरोपियों को 10 थानों की भारी पुलिस फोर्स की निगरानी में कोर्ट लाया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए न्यायालय परिसर के भीतर और बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने अदालत के समक्ष बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, मुख्य मार्ग जाम करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े तथ्यों को रखा। इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
नारेबाजी का मामला
- हवालात वाहन में बैठते ही लगे नारे
कोर्ट से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के आदेश के बाद जब पुलिस आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच हवालात वाहन तक लेकर पहुंची, तो वाहन में बैठते ही कुछ आरोपियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों ने पूरे मार्ग में लगातार नारे लगाए। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त थी कि किसी भी समर्थक को आरोपियों के करीब नहीं आने दिया गया। कोर्ट परिसर से लेकर जेल के लिए रवाना होने तक पुलिस ने पूरे रूट पर कड़ी निगरानी रखी।
मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
- मुख्य आरोपी और उनका आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, बवाल का मुख्य सूत्रधार दिग्विजय सिंह भाटी है। उसके साथ रवि गौतम, सुशील गौतम और हिमांशु सिद्धार्थ को भी प्रमुख आरोपी बनाया गया है। दिग्विजय भाटी के खिलाफ पहले से 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें बैंक मैनेजर को जातिसूचक शब्द कहकर धमकाने, टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ने, कर्मचारियों से अभद्रता, रेप पीड़िता की मां को धमकाने सहित कई गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, उसे करीब 10 दिन पहले जिलाबदर भी किया गया था। अन्य आरोपियों पर भी विभिन्न आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और कुछ के कुख्यात अमित मिरिंडा गैंग से संपर्क होने की जानकारी जांच में सामने आई है। वहीं आरोपी ऋतिक के खिलाफ हत्या के प्रयास और सड़क जाम कराने का मुकदमा भी दर्ज बताया गया है।


