18 घंटे तक सुलगता रहा राजा की सीकरी
18 घंटे तक टकराव के बाद भी नहीं निकला कोई ठोस समाधान पेज वन के बाद..18 घंटे तक सुलगता रहा राजा की सीकरी, पुलिस-प्रशासन बेबस पेज वन के बाद..18 घंटे तक

बिसौली/ फैजगंज, आसफपुर, हिटी। राजा की सीकरी में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ विवाद करीब 18 घंटे तक सुलगता रहा। सुबह से ग्रामीण विरोध पर डटे रहे, लेकिन पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार समझाते रहे और अपने स्तर पर प्रयास करते रहे लेकिन स्थिति को निर्णायक मोड़ नहीं दे सका। लगातार बातचीत के बावजूद आक्रोश बढ़ता गया और शाम को पथराव में बदल गया। देर रात दलबल के साथ पहुंचे डीएम-एसएसपी ने हल्का बल प्रयोग करके हालात पर काबू पाया।
विरोध के कारण
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे थे। अधिकारियों ने कई दौर की बातचीत की, लेकिन तत्काल प्रतिमा स्थापित करने की मांग पर कोई सहमति नहीं बन सकी। एसडीएम प्रियंका गोयल और सीओ अंशुमान श्रीवास्तव के समझाने के बाद भी भीड़ नहीं हटी। बाद में एसपी देहात हृदेश कठेरिया और एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने भी बातचीत की, मगर गतिरोध बना रहा। इसी दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस-प्रशासन आमने-सामने आते गए। जब कई घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण थी तो अतिरिक्त सतर्कता और मजबूत रणनीति क्यों नहीं अपनाई गई, यह सवाल अब व्यवस्था पर खड़ा हो रहा है।
पार्टी प्रशासन पर सवाल
शाम को प्रदर्शन उग्र हुआ और पुलिस-प्रशासनिक टीम पर पथराव शुरू हो गया। एसडीएम की गाड़ी समेत पुलिस के कई वाहन, बाइक और एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिवक्ता प्रदीप उपाध्याय समेत कई लोग घायल हुए और 15 से अधिक पुलिसकर्मी चोटिल हुए। पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया। सात थानों की पुलिस और पीएसी की एक प्लाटून तैनात होने के बाद भी हालात बिगड़ना स्थानीय निगरानी और पुलिस की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
राजा की सीकरी की स्थिति
कादरनगर के बाद राजा की सीकरी, सक्रियता पर सवाल
12 जुलाई को जरीफनगर थाना क्षेत्र के कादरनगर में हरिओम की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर करीब आठ घंटे तक जाम लगाए रखा था। चौकी के सामने लगातार हंगामा हुआ और स्थिति इस कदर बिगड़ी कि चौकी के सामने आग लगाने की वारदात तक हुई। करीब आठ घंटे तक पुलिस चौकी के सामने बवाल चलता रहा, बावजूद इसके स्थिति को समय रहते नियंत्रित नहीं किया जा सका। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और सूचना तंत्र को लेकर सवाल उठे थे।
अब राजा की सीकारी में भी सुबह से शुरू हुआ विरोध कई घंटे तक चलता रहा और करीब आठ से दस घंटे बाद स्थिति उग्र हो गई। डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच दिनभर टकराव की स्थिति बनी रही। समझाइश और बातचीत के कई दौर के बाद भी विवाद नहीं थमा और बाद में पुलिस-प्रशासनिक टीम पर पथराव हो गया।
पुलिस की preparedness
कई घंटे तक हालात नहीं संभाल पाई पुलिस
लगातार ऐसी घटनाएं सवाल खड़े कर रही हैं कि बदायूं पुलिस आखिर कई-कई घंटे तक बिगड़ते हालात क्यों नहीं संभाल पा रही है। कादरनगर में करीब आठ घंटे तक चौकी के सामने हंगामा और आगजनी की स्थिति बनी रही। अब राजा की सीकरी में भी सुबह से शुरू हुआ विरोध कई घंटे बाद पथराव तक पहुंच गया। समय रहते स्थिति नियंत्रित न होने से पुलिस की तैयारी, स्थानीय खुफिया तंत्र और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।


