विक्रमशिला सेतु की आईआईटी रूड़की जांच करेगा
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन के लिए पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। IIT रूड़की से पुल की नई जांच कराई जाएगी। 2026 में गंगा नदी में गिरने के बाद, बेली ब्रिज के माध्यम से वाहन आवाजाही चालू है और पुनर्स्थापन का कार्य सावन के बाद शुरू होना है।

भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन के लिए पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की जोर-शोर से तैयारी चल रही है। इसी क्रम में विभाग ने निर्णय लिया है कि विक्रमशिला सेतु की नए सिरे से जांच आईआईटी रूड़की से करायी जाएगी। निगम और आईआईटी रूड़की के बीच इस संबंध में सहमति बन गई है। मालूम हो कि विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन तीन मई, 2026 को गिरकर गंगा नदी में समा गया था। इसके बाद इस पर बेली ब्रिज बनाकर सात जून से छोटे वाहनों का आवागमन शुरू किया गया है। इसके साथ ही सेतु के पुनर्स्थापन को लेकर भी तैयारी चल रही है।
इसी क्रम में निर्णय हुआ है कि पुनर्स्थापन कार्य शुरू करने के पहले आईआईटी रूड़की से इसकी जांच करायी जाएगी। आईआईटी की ओर से पुल के हर हिस्से की गहनता से जांच की जाएगी। आईआईटी रूड़की की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया जाएगा। विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि पुनर्स्थापन का कार्य सावन महीना बीत जाने के बाद ही शुरू होगा। पदाधिकारी यह भी बताते हैं कि आईआईटी रूड़की जल्द ही जांच का कार्य शुरू करेगा। तीन से चार सप्ताह में उसके द्वारा से जांच पूरी करने की उम्मीद है। विभाग का लक्ष्य है कि विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन का कार्य नवंबर, 2026 तक कर लिया जाएगा। इसके बाद पूर्व की भांति इस पुल पर सभी वाहनों की आवाजाही हो सकेगी। मालूम हो कि यह गंगा नदी पर बना बहुत महत्वपूर्ण पुल है। यह उत्तर और दक्षिण बिहार को सीधे जोड़ता है। साथ ही बिहार-झारखंड की आवाजाही को भी सुगम बनाता है।


