कर्ज वसूली के बाद भी माल्या आरोपमुक्त नहीं हो सकते : ईडी

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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शराब कारोबारी विजय माल्या भारत में कानूनी प्रक्रिया से बचते रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि कर्ज वसूली का विवाद सुलझने से धनशोधन के आरोप समाप्त नहीं होते। माल्या का कहना है कि संकट के बाद विवाद खत्म हो गया, लेकिन ईडी ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

कर्ज वसूली के बाद भी माल्या आरोपमुक्त नहीं हो सकते : ईडी

शराब कारोबारी रहे विजय माल्या भारत में कानूनी प्रक्रिया से बचते रहे हैं और बैंकों द्वारा कर्ज वसूली से उन्हें धनशोधन के आरोपों से मुक्ति नहीं मिलती है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में यह बात कही है। केंद्रीय एजेंसी ने हाल ही में माल्या द्वारा 2020 में दायर याचिका के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल किया। माल्या ने याचिका में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला बंद करने की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि कर्ज की वसूली के बाद बैंकों के साथ उनका विवाद सुलझ गया था।

कर्ज वसूली नुकसान की भरपाई का कानूनी तरीका था

ईडी ने कहा कि 14,131.6 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति एसबीआई के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को सौंप दी गई थी, लेकिन इससे माल्या के खिलाफ धन शोधन के आरोप खत्म या रद्द नहीं होते हैं। एजेंसी ने अपने हलफनामे में कहा कि वह मार्च 2016 में भारत छोड़कर चले गए थे और बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। एजेंसी ने यह भी बताया कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। एजेंसी ने कहा कि आवेदक (माल्या) कानून की प्रक्रिया से बचते रहे हैं और न तो भारत लौटे हैं और न ही सक्षम आपराधिक अदालत के अधिकार क्षेत्र में खुद को पेश किया है।

3500 करोडृ के गबन का है आरोप

एजेंसी ने आगे कहा कि पीएमएलए के तहत जांच के बाद शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही केवल इसलिए निरर्थक नहीं हो जाती कि दावा करने वाले बैंकों ने बाद में उन्हें लौटाई गई संपत्तियों से बड़ी रकम वसूल कर ली है। ईडी ने कहा कि पीएमएलए के तहत संपत्तियों की बहाली वैध दावेदारों के लिए अपने नुकसान की भरपाई करने का एक कानूनी तरीका था।

माल्या पर धनशोधन और अपनी अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए लिए गए 9,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन में से कम से कम 3,500 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। ईडी ने 2016 में उसकी संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया था।

सामान्य प्रश्न

✦विजय माल्या ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला बंद करने की मांग क्यों की?−
उन्होंने तर्क दिया था कि कर्ज की वसूली के बाद बैंकों के साथ उनका विवाद सुलझ गया था।
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