युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा फूंकने वाले को उम्र कैद की सजा
- मोहनलालगंज में ससुरालीजनों ने पीटकर किया था अधमरा, फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया था

मोहनलालगंज में वर्ष पांच साल पहले 25 वर्षीय संगम को अधमरा कर जिंदा फूंकने के मामले में आरोपी विजय बहादुर को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश आयुर्वेद घोटाला प्रकरण/सीबीआई ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इंस्पेक्टर राम बाबू सिंह, पैरोकार कांस्टेबल प्रदीप आनंद ने इलेक्ट्रानिक और सर्विलांस से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके बाद कोर्ट ने 14 अगस्त को मामले में अंतिम फैसला सुनाकर आरोपी को सजा दी। घटना की शुरुआत 24 अगस्त 2021 को हुई। संगम के पिता नन्हू प्रसाद निवासी नगराम हुसैनाबाद दुल्हापुर ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। नन्हू के मुताबिक बेटा ससुराल में रहता था। वहां उसके ससुर, साढ़ू विजय बहादुर अन्य रिश्तेदारों में राम रुचि उर्फ रामू, सुमन, शीला और अन्य ने मिलकर बेटे को पीटा था। इसके बाद पेट्रोल डालकर बेटे को फूंक दिया था। बेटे के गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान संगम की 27 अगस्त 2021 को अस्पताल में मौत हो गई थी। हत्याकांड में संगम की पत्नी शीला की भी संलिप्तता थी। पीड़ित के पिता ने आरोप लगाया था कि सभी ने उसकी हत्या कर दी। नन्हू ने मोहनलालगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की तफ्तीश में मुख्य आरोपी विजय बहादुर चिह्नित किया गया। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में पैरवी की। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई。
वर्ष 2013 में संगम का हुआ था विवाह
पीड़ित पिता नन्हू के मुताबिक वर्ष 2013 में बेटे संगम का विवाह शीला के साथ हुआ था। शीला मूल रूप से मोहनलालगंज के भावाखेड़ा की रहने वाली थी। बेटा-बहू दोनों वहीं साथ में रहते थे। शादी के कुछ बाद से ही शीला और उसके घरवालों ने बेटे को प्रताड़ित कर मारपीट करने लगे। इसके बाद साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी।


