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वायरल VIDEO को लेकर छलका उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का दर्द, शिकायत की तो राज्यसभा में छा गई खामोशी

उन्होंने कहा, मुझे आजकल यह भी देखना पड़ रहा है कि कितना झुकूं, किसके सामने झुकूं, फोटोग्राफर कहां से क्या पिक्चर ले रहा है, कौन ट्विटर पर डाल देगा, कौन मेरी रीढ़ की हड्डी को तय करने लगे।

वायरल VIDEO को लेकर छलका उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का दर्द, शिकायत की तो राज्यसभा में छा गई खामोशी
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Fri, 08 Dec 2023 06:36 AM
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो के बहाने चल रही तरह-तरह की टिप्पणी से आहत सभापति जगदीप धनखड़ की पीड़ा गुरुवार को सदन में नजर आई। सभापति सदन में आने के बाद बेहद खिन्न दिखाई दिए। उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे उनके वीडियो को लेकर अपना दुख व्यक्त किया। सदन में आते ही सभापति ने सभी सदस्यों को हाथ जोड़ते हुए झुककर प्रणाम किया और फिर जो कुछ कहा, उससे पूरे हॉल में कुछ देर तक खामोशी छा गई। 

उन्होंने कहा कि माननीय सदस्यों मुझे आजकल यह भी देखना पड़ रहा है कि कितना झुकूं, किसके सामने झुकूं, फोटोग्राफर कहां से क्या पिक्चर ले रहा है, कौन इंस्टाग्राम पर डाल देगा, कौन ट्विटर पर डाल देगा, कौन मेरी रीढ़ की हड्डी को तय करने लगेगा। 

दरअसल, वह सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे उनके वीडियो को लेकर आहत थे। इस वीडियो में वह पीएम मोदी को झुककर नमस्ते करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के लेकर उनके बारे में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं।

धनखड़ ने सदन में कहा, ''तो मैं बताना चाहता हूं कि झुकना और नमस्कार करना मेरी आदत है। ये नहीं देखता सामने कौन है। कई बार बड़ी पीड़ा होती है, गिरावट की कोई सीमा होती है। बड़ा बुरा लगता है।'' 

इसके बाद किसी सदस्य ने उनसे कुछ कहा तो इसके जवाब में धनखड़ बोले कि वह इसे सदस्यों की बुद्धिमत्ता पर छोड़ते हैं। उन्होंने कहा, ''यदि कोई ऐसी संस्था जिसका बहुत बड़ा स्थान है देश में, देश की राजनीति में... और वह आधिकारिक तौर पर ऐसा करते हैं तो मैं सिर्फ अपनी पीड़ा और नाराजगी ही व्यक्त कर सकता हूं।'' 

उन्होंने उक्त वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बेहद ही विनम्र इंसान हैं और घमंड उनकी जिंदगी का कभी भी हिस्सा हो ही नहीं सकता। उन्होंने कहा, '' संस्कारों का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। सांस्कृतिक विरासत है झुकना। नमस्कार करना। पद की गरिमा तब रहती है जब आदमी ज्यादा से ज्यादा झुके। यह पीड़ा मुझे उन लोगों ने दी है जिनकी मैं बहुत इज्जत करता हूं।''

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