उपराष्ट्रपति ने समाज सुधारक पद्मनाभन के योगदान को सराहा
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने स्वतंत्रता सेनानी एम पद्मनाभन के योगदान की सराहना की, जिन्होंने समाज सुधार और सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पद्मनाभन का दृष्टिकोण सिर्फ एक वर्ग तक सीमित नहीं था, और समाज की प्रगति के लिए न्याय और समावेशिता जरूरी है।

नई दिल्ली, एजेंसी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को प्रसिद्ध समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) के संस्थापक एम पद्मनाभन के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पद्मनाभन ने समाज सुधार एवं सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण और मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन करते हुए उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय राजधानी में केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए एनएसएस की दिल्ली इकाई की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और एनएसएस के संस्थापक पद्मनाभन ने शिक्षा, समाज सुधार, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सेवा के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
पद्मनाभन को समाज के पुनर्जागरण का सच्चा नेता बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सोच केवल किसी एक वर्ग के हित तक सीमित नहीं थी। पद्मनाभन का मानना था कि हर व्यक्ति समान सम्मान और समान अवसर का हकदार है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनका जीवन याद दिलाता है कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब न्याय, करुणा और समावेशिता समाज के मार्गदर्शक सिद्धांत बनें।


