नशा मुक्त भारत बनाने में योगदान दें युवा: उप राष्ट्रपति
गुवाहाटी (असम), एजेंसी। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को गुवाहाटी में श्रीमंत शंकरदेव यूनिवर्सिटी

नोट:::: पहले से जारी खबरों के स्थान पर इसका ही उपयोग करें। ------------
- एसएसयूएचएस के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राधाकृष्णन
गुवाहाटी (असम), एजेंसी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को गुवाहाटी में श्रीमंत शंकरदेव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (एसएसयूएचएस) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने युवाओं से स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने का आह्वान करते हुए नशे से दूर रहने और नशा मुक्त भारत बनाने में योगदान देने की बात कही।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत का प्रदर्शन शानदार
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय हेल्थ साइंसेज की शिक्षा, रिसर्च और पब्लिक हेल्थ के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में उभरा है। उन्होंने स्थानीय भाषाओं में मेडिकल ज्ञान को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की, जिसमें मेडिकल साइंस की एंग्लो-असमिया डिक्शनरी और असमिया भाषा में मेडिकल टेक्स्टबुक का प्रकाशन शामिल है।
छात्रों को लोकतंत्र के लिए तैयार करें शिक्षण संस्थान
दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि असम में मातृ मृत्यु दर अब राष्ट्रीय औसत से कम है और राज्य की यह उपलब्धि मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहतरीन नेतृत्व की वजह से पिछले दशक में स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। राधाकृष्णन ने कहा, कोविड-19 महामारी के दौरान भारत एकमात्र ऐसा देश था जिसने मुफ्त में टीका प्रदान किया। इसने न केवल अपने 140 करोड़ लोगों को टीका लगवाया, बल्कि 100 से अधिक देशों को भी मुफ्त में टीके प्रदान किए। इसी वजह से लोगों की प्रतिरक्षा बरकरार रही।
वहीं, गुवाहाटी में गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में पहुंचे राधाकृष्णन ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य केवल छात्रों को करियर के लिए तैयार करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और लोकतंत्र में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाना भी होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्र निर्माण और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर बल दिया।


