सूबे के शिक्षा मंत्री ने सीवान की शिक्षिका वीनस दीक्षित को दिया राजकीय सम्मान
नीरज पाठक, सीवान। आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय, जीरादेई की शिक्षिका वीनस दीक्षित को राजकीय शिक्षक सम्मान मिलने से शिक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी में वृद्धि हुई है। उन्होंने बच्चों को नवाचार आधारित शिक्षा देने का संकल्प लिया है और समावेशी शिक्षा के प्रयासों को भी जारी रखने का निर्णय लिया है।

नीरज पाठक, सीवान । राजकीय शिक्षक सम्मान मिलने के बाद आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय, जीरादेई की शिक्षिका वीनस दीक्षित के लिए यह सम्मान केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि आगे की जिम्मेदारी का नया पड़ाव बन गया है। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शिक्षक दिवस समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से सम्मानित होने के बाद विद्यालय परिवार में उनके प्रति उत्साह और सम्मान और बढ़ गया है। सम्मान मिलने के बाद सहकर्मियों, शुभचिंतको, परिजनों और विद्यार्थियों ने उन्हें बधाई दी। बच्चों के बीच भी उनकी चर्चा रही कि उनके प्रयासों से पढ़ाई को समझने और सीखने का तरीका अधिक सहज हुआ है।
पुरस्कार के बाद जिम्मेदारी का एहसास
राजकीय शिक्षक सम्मान मिलने के बाद वीनस दीक्षित का कहना है कि पुरस्कार मिलने की खुशी जरूर है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। उनके अनुसार, शिक्षक को मिलने वाला सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि से अधिक उसके काम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा होता है। अब उनका प्रयास विद्यालय के अधिक से अधिक बच्चों को नवाचार आधारित और रुचिकर तरीके से शिक्षा उपलब्ध कराने का होगा।
बच्चों के लिए शिक्षक की उपलब्धि बनी प्रेरणा
वीनस दीक्षित के सम्मान को विद्यालय के विद्यार्थियों की उपलब्धि से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शिक्षिका का मानना है कि किसी शिक्षक को मिलने वाला सम्मान बच्चों को भी यह विश्वास देता है कि मेहनत और सीखने की ललक से आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। वह चाहती हैं कि बच्चे केवल परीक्षा और अंक तक सीमित न रहें, बल्कि अपने आसपास के समाज और उसकी समस्याओं को समझने की क्षमता भी विकसित करें।
समावेशी शिक्षा का प्रयास रहेगा जारी
राजकीय सम्मान मिलने के बाद वीनस दीक्षित ने समावेशी शिक्षा को लेकर अपने प्रयास जारी रखने की बात कही है। उनका मानना है कि विद्यालय में आने वाला प्रत्येक बच्चा समान अवसर का हकदार है। अलग-अलग क्षमताओं वाले बच्चों की जरूरतों को समझकर उन्हें सीखने के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना शिक्षक की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ वह आगे भी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर देंगी।
नवाचार को कक्षा तक सीमित नहीं रखने की तैयारी
वीनस दीक्षित के अनुसार, शिक्षण में नवाचार तभी सार्थक है जब उसका सीधा लाभ बच्चों की सीखने की क्षमता पर पड़े। इसलिए भविष्य में भी वह कक्षा शिक्षण को गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ने के प्रयास करेंगी। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी बच्चों को जागरूक करने की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना है।
विद्यालय परिवार के लिए भी गौरव का क्षण
वीनस दीक्षित को राजकीय शिक्षक सम्मान मिलने से आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय, जीरादेई का नाम भी राज्य स्तर पर सामने आया है। विद्यालय परिवार के लिए यह गौरव का विषय है। शिक्षकों का कहना है कि किसी साथी शिक्षक के राज्य स्तरीय सम्मान से दूसरे शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। विद्यार्थियों के बीच भी इसे लेकर उत्साह है।


