जियो टैगिंग ऐप ठप होने से मंडियों में संकट, सब्जी कारोबारी परेशान

हिन्दुस्तान, लखनऊ
Follow us on Google News
share

उत्तर प्रदेश में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा लागू की गई वाहनों की ‘जियो टैगिंग’ व्यवस्था तकनीकी खराबी के कारण पूरी तरह ठप रही। इससे 251 मंडियों में हरी सब्जियों और अन्य उत्पादों का व्यापार प्रभावित हुआ। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर समस्या की जानकारी दी और व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की।

जियो टैगिंग ऐप ठप होने से मंडियों में संकट, सब्जी कारोबारी परेशान

उत्तर प्रदेश में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा लागू की गई वाहनों की ‘जियो टैगिंग’ व्यवस्था सोमवार को सुबह 04 बजे से दोपहर 03 बजे तक पूरी तरह ठप रही। ऐप में तकनीकी खराबी और ओटीपी प्राप्त न होने के कारण प्रदेशभर की 251 मंडियों में गेटपास नहीं बन सके। इस वजह से हरी सब्जियों, गल्ला, दलहन, तिलहन और किराना का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ और व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया है। पत्र में कहा गया है कि गेटपास न बनने के कारण शीघ्र खराब होने वाली हरी सब्जियां मंडियों में ही फंसी रह गईं। इसके अलावा कई ग्रामीण मंडियों में गेटपास न होने के कारण व्यापारियों ने किसानों से उपज नहीं खरीदी, जिससे कई किसानों को बिना माल बेचे वापस लौटना पड़ा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि अलीगढ़ समेत कई मंडियों में सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद महज गेटपास की समय-सीमा खत्म होने का हवाला देकर वाहनों को रोककर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। शाम को जारी किया गया ‘कॉमन ओटीपी’ भी सुरक्षा और तकनीकी दृष्टि से नई समस्याएं खड़ी कर सकता है。

व्यापारियों की मांग

- 1 जुलाई 2026 से लागू इस जियो टैगिंग व्यवस्था को तत्काल वापस लिया जाए।

- गेटपास की समय-सीमा को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

- सोमवार को हुई भारी आर्थिक क्षति का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं।

सामान्य प्रश्न

वाहनों की जियो टैगिंग व्यवस्था कब से लागू हुई?
यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू हुई।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।