मंडी से बाजार तक कई गुना अधिक है सब्जियों का भाव

हिन्दुस्तान, बहराइच
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बहराइच में सब्जियों की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं। हरी सब्जियों की कीमतों में लगभग 50% की वृद्धि हुई है, जिससे आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। किसान भी भंडारण की समस्या और बिचौलियों के कारण परेशान हैं। अगर यह स्थिति बनी रही, तो आम आदमी की थाली से सब्जियां गायब हो सकती हैं।

मंडी से बाजार तक कई गुना अधिक है सब्जियों का भाव

बहराइच, संवाददाता। मुनाफखोरों ने बहरी सब्जियों पर अचानक मंहगाई बढ़ा दी। खेतों में तुरई 15 रुपए किलो और बाजार में 50 रुपए प्रतिकिलो बेची जा रही है। बीते एक माह के दौरान हरी सब्जियों की कीमतों में करीब 50 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम परिवारों का रसोई बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई घरों में पहले जहां रोजाना हरी सब्जियां बनती थीं, वहीं अब लोग सीमित मात्रा में खरीद रहे हैं। बाजारों में भिंडी, लौकी, तोरई, पालक, करेला और अन्य हरी सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हालत यह है कि बैगन 60 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है।

हालांकि मंडी के व्यापारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव की वजह से कम आवक, परिवहन लागत में वृद्धि और आपूर्ति में कमी के कारण कीमतों में उछाल आया है। शिव प्रकाश, मोहन यादव, रमेश आदि किसानों का कहना है कि भंडारण की व्यवस्था नहीं होती, जिससे औने-पौने दामों में बेच दिया जाता है। किसानों की मेहनत का फायदा बिचौलिए ले रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के बीच सब्जियों पर अधिक रकम खर्च करना मुश्किल हो रहा है। यदि कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां और दूर हो सकती हैं।एक माह में ये सब्जी महंगी हुई : टमाटर, गोभी, बैंगन, तोरई, बींस, भिंडी, शिमला मिर्च के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं। गृहणी विन्ध्यवासिनी का कहना है कि जिनके घर में पांच लोग हैं उनके यहां 100 रुपए की सब्जी एक दिन में लगती है। पिछले साल महीने में यदि 1500 की सब्जी आती थी वही सब्जी अब 3000 से अधिक में मिलती है।

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