टमाटर-मटर, प्याज और शिमला मिर्च पर भी चढ़ा महंगाई का रंग
बागपत में सब्जियों के दाम फिर से आसमान छू रहे हैं। प्याज, हरी मिर्च और टमाटर की कीमत ₹80 प्रति किलो तक पहुंच गई है। देश के कई राज्यों में बारिश के कारण फसलें खराब हुई हैं, जिससे सब्जियों की सप्लाई प्रभावित हुई है। बढ़ती महंगाई ने गृहिणियों का बजट बिगाड़ दिया है।
बागपत। जिले में एक बार फिर सब्जी आम आदमी का बजट बिगाड़ रही है। प्याज, हरी मिर्च और टमाटर के दाम फिर आसमान छूने लगे हैं। बाजारों में टमाटर 80 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं, मटर, प्याज और शिमला मिर्च, हरी मिर्च, तुरई, लौकी, भिंडी, अरबी जैसी सब्जियों के दाम भी नई ऊंचाइयों पर हैं। बताया जा रहा है कि कई राज्यों में अधिक बारिश होने की वजह से फसल खराब होने के कारण अचानक सब्जियों के दाम बढ़े हैं। स्थानीय क्षेत्रों में टमाटर की फसल खत्म हो गई है। टमाटर बाहर से आ रहा है। इसी कारण टमाटर के रेट में उछाल आया है।
सब्जियों की कीमतों में आए इस उछाल ने गृहिणियों को निराश कर दिया है। बढ़ती महंगाई के चलते रसोई का बजट बिगड़ गया है। जिले में एक बार फिर सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं इस समय बाजारों में टमाटर 80 रुपये से 100 रुपये किलो बिक रहा है। आलू के दाम भी बढ गए हैं। आलू की 20 से 30 रुपये किलो तक बाजार में बेचा जा रहा है।वहीं, मटर, प्याज और शिमला मिर्च, हरी मिर्च सहित गर्मियों के दिनों की सब्जियों के दाम भी नई ऊंचाइयों पर हैं। बताया जा रहा है कि देश के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ की वजह से भारी मात्रा में फसल खराब होने के कारण अचानक सब्जियों के दाम बढ़े हैं। सब्जियों की कीमतों में आए इस उछाल ने गृहिणियों को निराश कर दिया है। सब्जी विक्रेता सुनील और राशीद ने बताया कि इस समय टमाटर की कीमत 80 रुपये किलो है। वहीं, मंडी में 60 रुपये किलो टमाटर बिक रहे हैं। लगभग एक हफ्ते से टमाटर की कीमतें बढ़ी है। जबकि, महीने भर पहले टमाटर 30 से 40 रुपये किलो बिका था। दरअसल, कुछ राज्यों में अधिक बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। हरी सब्जियां खेत में खराब हुई है। यही वजह है कि त्योहारों के सीजन शुरू होने से पहले ही सब्जियों के भाव में काफी उछाल आ गया है। इस समय टमाटर ही नहीं बल्कि सभी सब्जियों के दाम बढ़ गया गए हैं। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार भिंडी, पालक, हरी मिर्च, लौकी जैसी सब्जियों के दाम भी काफी बढ़ गए हैं।


