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रेलवे ने कर दी गलती; वंदे भारत बनाने वाले रेलवे के पूर्व अधिकारी ने दिया बड़ा बयान, की ये मांग

उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ सालों में सरकार का फोकस वंदे भारत पर रहा है, लेकिन उन लोगों की जरूरतों से ध्यान हटा दिया गया, जोकि एसी यात्रा को अफॉर्ड नहीं कर सकते हैं।

रेलवे ने कर दी गलती; वंदे भारत बनाने वाले रेलवे के पूर्व अधिकारी ने दिया बड़ा बयान, की ये मांग
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 18 Jun 2024 07:29 PM
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Vande Bharat: वंदे भारत ट्रेनों पर केंद्र सरकार का काफी फोकस है। अब तक लगभग सभी राज्यों को उनकी वंदे भारत ट्रेनें मिल चुकी हैं, लेकिन इस ट्रेन के पीछे दिमाग माने जाने वाले रेलवे के पूर्व अधिकारी सुधांशु मणि ने कई अहम सवाल खड़े किए हैं। मणि ने कहा है कि रेलवे ने आम यात्रियों की जरूरतों पर ध्यान नहीं देकर शायद गलती की है। उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ सालों में सरकार का फोकस वंदे भारत पर रहा है, लेकिन उन लोगों की जरूरतों से ध्यान हटा दिया गया, जोकि एसी यात्रा को अफॉर्ड नहीं कर सकते हैं।

भारतीय रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में महाप्रबंधक के रूप में काम कर चुके सुधांशु मणि ने कहा कि वंदे भारत उन यात्रियों के लिए एक अच्छा विकल्प है जो आराम के लिए थोड़ा ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए यह सिर्फ आराम की बात नहीं है, बल्कि गरिमा की भी बात है। बिजनेस टुडे के अनुसार, मणि ने पॉडकास्ट - वाद में कहा, "आपको उनके लिए भी व्यवस्था करने की जरूरत है, जो शायद पहले नहीं थी और आज और भी बदतर हो गई होगी।"

उन्होंने कहा कि रेलवे का ध्यान वंदे भारत पर रहा और इसकी सराहना भी हुई, लेकिन आम यात्रियों की जरूरतों से ध्यान हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि इसका चुनावों पर कोई खास असर नहीं पड़ा, लेकिन इससे एक प्रतिकूल नैरेटिव जरूर बना। विपक्ष ने इसका फायदा उठाया और दावा किया कि केवल कुलीन यात्रियों पर ध्यान दिया गया, आम आदमी पर नहीं।

उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक अलग यूनिट है, आपको इसे चलाते रहना चाहिए। लेकिन आम आदमी को मत भूलना। कहीं न कहीं, रेलवे ने गलती की है। उन्होंने कहा कि इस गलती को सुधारने के लिए रेलवे एसी कोचों का निर्माण कम कर रहा है और नॉन-एसी कोचों का निर्माण बढ़ा रहा है। मेरे हिसाब से, यह भी गलत है। आपको और अधिक एसी कोच बनाने चाहिए, लेकिन आम आदमी के लिए बने कोचों की संख्या भी बहाल करनी चाहिए और बढ़ानी चाहिए। इस पर आपका ध्यान होना चाहिए।

सुधांशु मणि ने आगे कहा कि अब एसी कोच बनाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जिसकी वजह से नॉन-एसी कोच में कमी आई है। उन्होंने पीयूष गोयल के कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी एक घोषणा को याद किया, जिसमें कहा गया था कि धीरे-धीरे सभी ट्रेनें वातानुकूलित होंगी। उन्होंने कहा कि कम किराए पर सभी को एसी सुविधाएं प्रदान करना एक अच्छा विचार था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आलोचना की वजह से सरकार ने नीति को उलट दिया कम एसी कोच और ज्यादा नॉन-एसी कोच बनाए। लेकिन यह बदलाव थोड़ा देर से आया।

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