यूजीसी के नियमों के विरोध में गरजा सवर्ण समाज

हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
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हल्द्वानी में सवर्ण शक्ति संगठन ने यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया। वक्ताओं ने नियमों को एकतरफा बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न नेताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में भेदभाव के खिलाफ अपने विचार व्यक्त किए।

यूजीसी के नियमों के विरोध में गरजा सवर्ण समाज

हल्द्वानी, संवाददाता। सवर्ण शक्ति संगठन उत्तराखंड के जनसंवाद कार्यक्रम में रविवार को यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया। एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग जुटे। वक्ताओं ने यूजीसी के नियमों को एकतरफा बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप महाराज ने यूजीसी के नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नया नियम सवर्ण समाज को प्रताड़ित करने वाला है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान और शिक्षा के केंद्र हैं, उन्हें जातीय प्रताड़ना का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। आनंद स्वरूप ने कार्यक्रम के आयोजन को लेकर कथित दबाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को विफल करने के लिए बैंक्वेट हॉल के स्वामी पर दबाव बनाया गया और संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भुवन भट्ट को भी कार्यक्रम को लेकर परेशान किया गया। उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भुवन भट्ट ने कहा कि सवर्ण समाज अब अपने अधिकारों को लेकर मौन नहीं रहेगा। कहा कि यूजीसी के नियम को लेकर संगठन प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएगा। पूर्व मंत्री प्रकाश हरबोला ने कहा कि शिक्षा में सभी वर्गों को समान अवसर और अधिकार मिलना चाहिए। किसी एक वर्ग को निशाना बनाना उचित नहीं है। योग गुरु मुकेश रघुवंशी ने कहा कि सनातन संस्कृति समाज को जोड़ने का संदेश देती है, इसलिए ऐसे किसी भी नियम का विरोध किया जाएगा जिससे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो। कार्यक्रम में तरुण वानखेड़े, अमित चौहान, संजय बिष्ट, भुवन पांडे, हरीश रावत, सीमा बत्रा, दीप्ति गुररानी, प्रभा खनका, किरण बोरा, अलका वार्ष्णेय, लीला भंडारी, प्रियंका वार्ष्णेय, तृप्ति वार्ष्णेय, रश्मि शर्मा, आंसू राठौर, ममता आहूजा, दीपक जोशी, गिरीश पाठक, काजल खत्री, अम्बा दत्त भट्ट, बालम जोशी आदि मौजूद रहे।

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