पुरानी पेंशन लागू करने, टीईटी वाध्यता पर सुप्रीम कोट के निर्णय में हस्तक्षेप की मांग
उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की सितारगंज इकाई ने पुरानी पेंशन बहाली व वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य करने के नि

सितारगंज, संवाददाता। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की सितारगंज इकाई ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में विधायी हस्तक्षेप की मांग की है। शिक्षकों ने शुक्रवार को तहसील पहुंचकर तहसीलदार हिमांशु जोशी के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। संघ अध्यक्ष दिनेश सिंह, मंत्री करुणेश जोशी और कोषाध्यक्ष अनुकूल मंडल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी कर शिक्षक नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में टीईटी को अनिवार्य किया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 से पहले विभिन्न राज्यों में तत्कालीन नियमों और निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर विधिवत नियुक्त हुए शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू होने से उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ प्रभावित हो सकते हैं।
शिक्षकों ने मांग की कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही देशभर के शिक्षक-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। ज्ञापन देने वालों में सुरेश उप्रेती, हृदयेश, जयदेव मजूमदार, तुषारकांत राय, धर्म सिंह राणा, वीरेंद्र सिंह तोमर, मनोज मिश्रा, मुख्तयार सिंह, दलजीत सिंह, मनोज जोशी, विनय जायसवाल, सीमा वशिष्ठ, शिवानी गुलाटी और विकास चौधरी शामिल रहे।


