खटीमा-मसूरी शहीदों को गंगा घाट पर श्रद्धांजलि
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए प्रेमनगर आश्रम पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। 1994 में खटीमा और मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों को नमन करते हुए समिति के सदस्यों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के खटीमा और मसूरी गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में मंगलवार को चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति ने प्रेमनगर आश्रम स्थित गंगा घाट पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस दौरान सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया और गंगा में दीपदान व पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1994 में पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान एक सितंबर को खटीमा में सात और मसूरी में छह आंदोलनकारियों ने पुलिस कार्रवाई में अपने प्राण न्योछावर किए थे। उनके बलिदान ने राज्य निर्माण आंदोलन को नई दिशा दी।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि शहीदों का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। सभी को उनके सपनों के अनुरूप राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में जिला अध्यक्ष सूर्यकांत भट्ट समेत समिति के सदस्य मौजूद रहे।


