धामी के पांच साल ऐतिहासिक फैसलों और सुशासन के नाम : भगत
कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में लगातार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इसमें समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और सरकारी नौकरी में महिलाओं के लिए आरक्षण शामिल हैं। उनके अनुसार, धामी सरकार ने विकास और जनता के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।

बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी। कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के इतिहास में लगातार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य गठन के बाद अब तक रहे सभी मुख्यमंत्रियों की तुलना में धामी का कार्यकाल ऐतिहासिक निर्णयों और जनहितकारी योजनाओं के लिए याद किया जाएगा।प्रेस को जारी बयान में भगत ने कहा कि धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, सशक्त भू-कानून और मदरसा बोर्ड के स्थान पर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए। उनके अनुसार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिला, जबकि महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया।
उन्होंने कहा कि जमरानी बांध परियोजना, चारधाम यात्रा का सफल संचालन, निवेश, पर्यटन और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। भगत ने विश्वास जताया कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान से सरकार और जनता के बीच संवाद मजबूत होगा और 2027 में भाजपा फिर सरकार बनाएगी।


