धामी-भट्ट की जोड़ी पर भरोसा, बूथ से मिशन-2027 की तैयारी
भाजपा ने उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की कमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में रखने का फैसला किया है। हाल ही में हुई बैठक में 47 जीती सीटों को सुरक्षित रखने और 23 हारी सीटों पर वापसी की रणनीति पर चर्चा की गई। संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ता सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

हल्द्वानी। भाजपा ने उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की कमान फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में ही आगे बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। चुनाव से पूर्व आयोजित विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति अंतिम बताई जा रही है। ऐसे में अब धामी-भट्ट के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा। क्योंकि चुनाव को बहुत कम वक्त बचा है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा कोर कमेटी की बुधवार को करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में 47 जीती सीटों को सुरक्षित रखने और पिछली बार हारी 23 सीटों पर वापसी की रणनीति पर मंथन हुआ।
भाजपा संगठन को मजबूत करना
भाजपा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कमजोर कड़ियों की पहचान और कांग्रेस के बढ़ते राजनीतिक हमले का जवाब देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर रहा।
चुनावी तैयारियों पर चर्चा
करीब 600 पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ दिनभर चले संवाद के बाद हुई बैठक को चुनावी तैयारियों की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने संगठन की स्थिति पर चर्चा की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया।
डैमेज कंट्रोल पर चर्चा
बैठक में डैमेज कंट्रोल को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। खासकर उन क्षेत्रों पर फोकस करने की जरूरत बताई गई, जहां विपक्ष भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने में सक्रिय है। टिकट के दावेदारों और मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन को लेकर भी संगठन स्तर से फीडबैक जुटाने की कवायद जारी है।
सामाजिक समीकरण साधना
नितिन नवीन के दो दिवसीय दौरे ने संगठनात्मक बैठकों के साथ सामाजिक और चुनावी समीकरणों को भी साधा। युवा संवाद, दलित परिवार से मुलाकात, पूर्व सैनिक सम्मेलन और रुद्रपुर में सिख-पंजाबी संवाद के जरिए भाजपा ने अलग-अलग सामाजिक समूहों तक सीधा संदेश पहुंचाने की कोशिश की।
शुद्दीकरण विवाद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगस्त में हुई रैली के बाद उठे ‘शुद्धिकरण’ विवाद के बीच नवीन का हल्द्वानी दौरा भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कांग्रेस पर दलितों के सम्मान को लेकर तीखा हमला बोला।
प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति
प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति पर भी संगठन की निगाहें हैं। पार्टी में बदलाव की अटकलों के बीच इसी महीने नई जिम्मेदारी पर फैसला होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व को करना है।
मिशन-2027 की रणनीति
47 सीटें बचाने का लक्ष्य
पिछली विधानसभा में जीती सीटों पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति।
23 सीटों पर वापसी की चुनौती
हारी सीटों को चिन्हित कर बूथवार रणनीति बनाने पर जोर।
बूथ होगा चुनावी आधार
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया।
धामी-भट्ट की जोड़ी
सरकार और संगठन के स्तर पर मौजूदा नेतृत्व को आगे रखकर चुनावी तैयारी के संकेत।
डैमेज कंट्रोल पर नजर
कमजोर सीटों और विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए फीडबैक आधारित रणनीति।
नवीन ने साधे सामाजिक समीकरण
युवा, दलित, पूर्व सैनिक और सिख-पंजाबी समाज तक पहुंच बनाने की कोशिश।
प्रभारी बदलने की चर्चा
नए प्रदेश प्रभारी को लेकर भाजपा के भीतर निगाहें केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर।
चुनाव से पहले ‘फुलप्रूफ बूथ प्लान’
संगठन की नई रणनीति का केंद्र बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और कमजोर क्षेत्रों में विशेष फोकस रहेगा।


