वेतन नियत करने, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आशाओं का धरना

हिन्दुस्तान, रुद्रपुर
Follow us on Google News
share

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने उप जिला चिकित्सालय में धरना दिया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम वेतन की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दी गई आशाओं की अनदेखी की शिकायत की और स्वास्थ्य विभाग में शोषण के खिलाफ आवाज उठाई।

वेतन नियत करने, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आशाओं का धरना

सितारगंज, संवाददाता। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को उप जिला चिकित्सालय में धरना दिया। बाद में अधीक्षक डॉ. कुलदीप यादव के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने समेत कई मांगें उठाईं।

आशा कार्यकर्ताओं की मजबूरियाँ

यूनियन की अनिता अन्ना ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के श्रम का लगातार शोषण हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशाओं को न तो राज्य कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाता है। आशाओं से स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य विभागों के कई कमीशन आधारित कार्य भी कराए जाते हैं।

मुख्यमंत्री से आश्वासन

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आशाओं के प्रतिनिधिमंडल को मासिक मानदेय निर्धारित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आशाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन लागू करने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन देने, श्रम की राशि का हर माह भुगतान करने, प्रशिक्षण और पल्स पोलियो अभियान की राशि 500 रुपये प्रतिदिन करने, विभागीय अधिकारियों द्वारा सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने, प्रत्येक अस्पताल में आशा घर बनाने, अस्पतालों में डॉक्टर और स्टाफ की कमी दूर करने तथा मनमाने तरीके से आशाओं की छंटनी रोकने की मांग की। धरने में दीपिका हालदार, उदीमा कार्की, निर्मला देवी, मोबिना, सिरेम देवी, प्रेमवती देवी, दक्षिणी देवी, परवीन देवी, बंधो देवी, फूलमती, राखी देवी, कंचन गुप्ता, लल्ली देवी, मीना देवी, नारद देवी, रेवती देवी, चंचला देवी, कुलवंत, सीता, रिंकू राणा, सबीना, लौंग श्री, प्रवीन देवी, सुविता, अमरवती, ममता मित्रा, रानी और अंगूरी देवी शामिल रहीं।

सामान्य प्रश्न

✦आशा कार्यकर्ताओं ने धरने में किन मांगों को उठाया?−
आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन लागू करने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और अन्य मांगें उठाई।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव , CJP Protest Live और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsवेतन नियत करने, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आशाओं का धरना