यूपी में 100 करोड़ की ट्रांसमिशन परियोजनाएं निजी क्षेत्र के लिए खोलना घातक
-संघर्ष समिति ने जताई चिंता, मुख्यमंत्री से टीबीसीबी व्यवस्था खत्म करने की

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि उपभोक्ता हित में ट्रांसमिशन क्षेत्र में टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटेटिव बिडिंग (टीबीसीबी) की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। ट्रांसमिशन की सभी परियोजनाएं प्रदेश की सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीटीसीएल) को ही प्रदान की जाएं।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि प्रदेश में मात्र 100 करोड़ रुपये की लागत वाली ट्रांसमिशन परियोजनाओं को टीबीसीबी के माध्यम से निजी क्षेत्र को सौंपे जाने की व्यवस्था देश के अन्य राज्यों की तुलना में अत्यंत चिंताजनक है। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने के साथ-साथ परियोजनाओं की लागत में वृद्धि की आशंका है और इस अतिरिक्त वित्तीय भार का अंतिम प्रभाव बिजली उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में 500 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं सार्वजनिक ट्रांसमिशन क्षेत्र में रखी जा सकती हैं, तब उत्तर प्रदेश में मात्र 100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी निजी क्षेत्र के लिए खोल देना नीति की दृष्टि से गंभीर चिन्ता का विषय है।


