कैशलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित 32 हजार कार्मिक
प्रयागराज में 32 हजार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ न मिलने पर निराशा जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस योजना में अपने शामिल होने की गुहार लगाई। कर्मचारी मानते हैं कि शिक्षकों को दी जा रही सुविधाओं के बराबर उन्हें भी लाभ मिलना चाहिए।

प्रयागराज। प्रदेश के 12 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोईयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिलने के बाद बेसिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा के लगभग 32 हजार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में निराशा है। इन कर्मचारियों का कहना है कि जब अपेक्षाकृत बेहतर चेतन पा रहे शिक्षकों को सुविधा दी जा रही है तो उन्हें इससे वंचित करना नाइंसाफी है। बेसिक शिक्षा विभाग के तकरीबन 21 हजार के साथ और उच्च और प्राविधिक शिक्षा के 11 हजार कुल तकरीबन 32 हजार कार्मिकों ने मुख्यमत्री को ज्ञापन भेजकर उन्हें भी इस सुविधा का लाभ देने की गुहार लगाई है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दिवाकर पांडेय का कहना है कि जब मानदेय प्राप्त कर रहे शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की वार्डेन और शिक्षिकाओं के साथ रसोईयों को योजना का लाभ मिल रहा है तो तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इससे वंचित रखना न्याय संगत नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष जुबेर अहमद ने अफसरों से उन्हें भी योजना से आच्छादित करने की अपील की है।


