ओएमआर त्रुटि से रोके गए टीईटी रिजल्ट को जारी करने की मांग

हिन्दुस्तान, लखनऊ
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- 20 हजार सेवारत शिक्षक व शिक्षामित्र इसमें शामिल - कुल 60 हजार ऐसे अभ्यर्थियों

ओएमआर त्रुटि से रोके गए टीईटी रिजल्ट को जारी करने की मांग

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में ओएमआर शीट की त्रुटियों के चलते सेवारत शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अभ्यर्थियों का परीक्षाफल घोषित नहीं किया गया है। शिक्षक संगठनों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को पत्र भेजकर इस मामले में राहत देने और मामूली कमियों के चलते रद किए गए परिणाम को घोषित करने की मांग की है।

समस्या का समाधान

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (तिवारी गुट) के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी व प्रदेश महामंत्री उमाशंकर सिंह ने कहा है कि ओएमआर शीट में मानवीय त्रुटि को सुधार कर रिजेक्ट किए गए परीक्षाफल को घोषित किया जाएगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार शिक्षकों के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य है। ऐसा नहीं हुआ तो सेवारत शिक्षकों की सेवा खतरे में आ सकती। विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी इस मामले में आयोग को पत्र लिखकर और फोन पर आयोग के अध्यक्ष डा. प्रशांत कुमार से बातकर इसका समाधान निकालने को कहा है।

संघ की अपील

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने ऐसे शिक्षकों की ओएमआर शीट का पुनः मूल्यांकन करते हुए उनके संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय के मुताबिक प्रदेश में काफी शिक्षक ऐसे हैं जो आयोग द्वारा जारी उत्तर कुंजी के मिलान के अनुसार पास है, लेकिन तकनीकी त्रुटि से उनके परीक्षा परिणाम को रिजेक्ट कर दिया गया। इससे शिक्षकों में काफी निराशा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी त्रुटियों को दूर किया जाए, तो पात्र काफी शिक्षक पास हो सकते हैं। उन्होंने हजारों शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए शिक्षकों से विशेष आपत्ति लेकर ओएमआर का पुनः मूल्यांकन कर जल्द परिणाम घोषित करने की मांग की है।

सामान्य प्रश्न

टीईटी के परीक्षा परिणाम क्यों नहीं घोषित किए गए?
टीईटी में ओएमआर शीट की त्रुटियों के चलते सेवारत शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अभ्यर्थियों का परीक्षाफल घोषित नहीं किया गया है।
Hindustan | Bureau

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