यूपी में दान विलेखों पर स्टांप छूट से मिला 1193 करोड़ रुपये राजस्व
- आधार व पैन प्रमाणीकरण के बाद ही रजिस्ट्री लखनऊ, विशेष संवाददाता यूपी

यूपी में पारिवारिक सदस्यों के बीच संपत्ति के दान (गिफ्ट डीड) पर स्टांप शुल्क में दी गई छूट का फायदा लोगों द्वारा उठाया जा रहा है। पारिवारिक संपत्ति बंटवारे में होने वाले विवादों को कम करने के लिए शुरू की गई योजना से राज्य सरकार को 1193.55 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
स्टांप शुल्क में वृद्धि
स्टांप तथा न्यायालय एवं शुल्क पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल के मुताबिक 2025-26 में विभाग को 38150 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। पिछले साल की तुलना राजस्व में 7.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सरकार का दावा है कि इस छूट से आम लोगों को राहत मिली है और संपत्ति के पारिवारिक हस्तांतरण को बढ़ावा मिला है। विभाग के अनुसार, इस योजना से पारिवारिक विवादों और मुकदमेबाजी में भी कमी आई है।
डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक लक्ष्य 38150 करोड़ रुपये रखा गया और 32598.49 करोड़ रुपये मिल चुका है। विभाग इसके साथ ही उप निबंधक कार्यालयों के 2002 से 2017 तक हुई रजिस्ट्री का डिजिटाइजेशन करा रहा है। वर्ष 2024-25 तक रजिस्ट्री का इंडेक्सिंग, स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन का काम 95 फीसदी के आसपास हो गया है। दूसरे चरण में वर्ष 1990 से 2001 तक की रजिस्ट्री का डिजिटाइजेशन कराया जाएगा।
ईस्टांप की व्यवस्था
यूपी में धांधली रोकने के लिए ईस्टांप की व्यवस्था शुरू की गई है। प्रदेश में 12594 पंजीकृत स्टांप वेंडर काम कर रहे हैं। ईस्टांप योजना में स्टांप बेचने के लिए अधिकृत संग्रह केंद्र बनाए गए हैं। क्रेता व विक्रेता के आधार व पैन प्रमाणीकरण के बाद ही रजिस्ट्री की जा रही है। रजिस्ट्री में ऑनलाइन व ई-भुगतान की सुविधा भी दी गई है। विभिन्न औद्योगिक नीतियों में 50 से 100 फीसदी स्टांप शुल्क में छूट दी गई है।
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