यक्ष की नजर से नहीं बचेंगे बदमाश, बीट पुलिसिंग होगी मजबूत
यूपी पुलिस ने ‘यक्ष ऐप’ लॉन्च किया है, जो अपराधियों का पूरा रिकॉर्ड एक क्लिक में खोलता है। सभी पुलिस थानों के बीट सिपाही और इंस्पेक्टर के मोबाइल में यह ऐप इंस्टॉल किया गया है। इसका उद्देश्य बीट पुलिसिंग को मजबूत करना और अपराधियों की रियल टाइम ट्रैकिंग करना है।

बागपत। अब अपराधी चाहे नाम बदल लें, शहर बदल लें या चेहरा छिपा लें। पुलिस की पकड़ से बचना मुश्किल होगा। यूपी पुलिस के नए हाईटेक हथियार ‘यक्ष ऐप’ ने बदमाशों की नींद उड़ा दी है। यह कोई आम ऐप नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस एक डिजिटल जासूस है, जो एक क्लिक में अपराधी का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलकर सामने रख देता है। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल पुलिस मंथन के दौरान इस ऐप को लॉन्च किया था। जिसे सभी जिलों में पूरी ताकत से लागू किया जा रहा है। एसपी सूरज कुमार राय के निर्देश पर जिले के सभी थानों के बीट सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के मोबाइल में यक्ष ऐप इंस्टॉल किया गया है। पहले पुलिस के पास त्रिनेत्र, पहचान और प्रहरी जैसे तीन अलग-अलग ऐप थे। यक्ष इन तीनों का सुपर वर्जन है। जैसे ही किसी अपराधी के खिलाफ सीसीटीएनएस में चार्जशीट लगती है, उसका नाम, पता, गैंग, मुकदमों की लिस्ट ऑटोमेटिक यक्ष पर आ जाती है। हर अपराधी को एक यूनिक क्रिमिनल आईडी दी जा रही है। यानी बागपत का कोई बदमाश अगर गाजियाबाद या मेरठ जाकर अपराध करता है, तो वहां की पुलिस तुरंत उसकी लोकल हिस्ट्री देख लेगी।
पहले से ज्यादा आसान हुई पहचान
अब पहचान सिर्फ नाम से नहीं होगी। बागपत पुलिस हर हिस्ट्रीशीटर, जिला बदर, इनामी और सक्रिय अपराधी के चार एंगल से फोटो, वीडियो और सबसे अहम आवाज का सैंपल रिकॉर्ड कर रही है।
बीट पुलिसिंग को मजबूत करना उद्देश्य
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि इसका उद्देश्य खासकर बीट पुलिसिंग को मजबूत करना भी है। सिद्धांत स्पष्ट है कि बीट के अपराधी की जिम्मेदारी बीट सिपाही के नाम। हर बीट सिपाही को अपने इलाके के टॉप-10 अपराधियों का रोज सत्यापन करना होगा। अगर वह क्षेत्र से गायब है तो कहां गया, किससे मिला, सब रिपोर्ट ऐप पर दर्ज होगी। इस ऐप की मदद से पुलिस ने कई घटनाओं का खुलासा भी किया है।
अपराधी को पकड़ना हुआ आसान
इस ऐप से सबसे बड़ा फायदा रियल टाइम निगरानी का है। मान लीजिए बागपत का कोई जिला बदर अपराधी चुपचाप बड़ौत में जाकर रहने लगा। बड़ौत का बीट सिपाही जैसे ही उसका सत्यापन कर लोकेशन डालेगा, बागपत कोतवाली को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा।
कोट-
यक्ष ऐप से बीट पुलिसिंग को और अधिक मजबूत किया गया है। सभी थानों के बीट सिपाहियों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराया गया है, जिसमें हर अपराधी का विवरण दर्ज कराया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि जिला बदर और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की रियल टाइम ट्रैकिंग हो सकेगी और किसी भी घटना के बाद संभावित अपराधियों को चिह्नित करना आसान होगा।
सूरज कुमार राय, एसपी बागपत


