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यूपी में भाजपा सबसे बड़ा दल, गठबंधन की उम्मीदों पर पानी

उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। दोनों पार्टियां मिलाकर सिर्फ 19 सीटों पर आगे चल रही हैं। भाजपा एक बार फिर सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है, मगर उसे 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले 11 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है। 2014 के चुनाव में भाजपा ने प्रदेश में 71 सीटें जीती थीं जबकि उसके सहयोगी दल के रूप में अपना दल ने 2 सीटें जीतीं थीं। पिछले चुनाव में प्रदेश में एनडीए को 73 सीटें मिली थीं।

यूपी में कांग्रेस का बुरा हाल, राहुल भी हार रहे 

सबसे बुरी हालत कांग्रेस की हो रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हारते नजर आ रहे हैं। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी रायबरेली सीट से विजयी होती दिख रही हैं और सिर्फ रायबरेली की ही एकमात्र सीट कांग्रेस की झोली में आती नजर आ रही है।
गुरुवार शाम 4 बजे तक मतगणना के रुझानों के अनुसार, प्रदेश में भाजपा 59 सीटों पर जीत के करीब पहुंचती दिख रही है। भाजपा के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) को दो सीटें मिलने की उम्मीद बन रही है। इस तरह प्रदेश में एनडीए को 61 सीटें मिलने के आसार हैं।
वहीं गठबंधन के धड़े बसपा के 11 उम्मीदवार विजयी होते नजर आ रहे हैं। पिछले चुनाव में यूपी से बसपा का खाता भी नहीं खुला था। गठबंधन के दूसरे धड़े सपा को 8 सीटें मिलने की उम्मीद बन रही है। 2014 के चुनाव में सपा के 5 प्रत्याशी जीते थे। 

विधानसभा उपचुनाव में भी भाजपा आगे

प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों के साथ ही विधानसभा की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में भी भाजपा जीत के करीब पहुंच रही है। आगरा उत्तरी सीट से भाजपा के पुरुषोत्तम खंडेलवाल अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के सूरज शर्मा से और निघानन सीट पर भाजपा के शशांक वर्मा सपा के मो. कय्यूम से आगे चल रहे हैं। बताते चलें कि आगरा उत्तरी विस की सीट भाजपा के विधायक जगन प्रसाद गर्ग और निघासन की सीट भाजपा के ही विधायक रामकुमार वर्मा पटेल के निधन के कारण रिक्त चल रही थीं।

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  • Web Title:uttar pradesh lok Sabha election results 2019 BJP is largest party in UP coalition hopes demolished