बिलासपुर तहसील में लेखपालों ने दिया धरना
उत्तर प्रदेश में लेखपाल संघ ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने एसडीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की और अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया। धरने के दौरान उन्होंने अयोध्या की सोहावल तहसील में हुई घटना की जाँच की भी अपील की।
प्रदेश में लेखपालों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से की जा रही कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। तहसील में तैनात लेखपालों ने सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक धरना दिया। इसके बाद एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया को ज्ञापन सौंपकर मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। धरने के दौरान लेखपालों ने कहा कि फील्ड में कार्यरत लेखपालों के खिलाफ एसीओ यूपी पुलिस की ओर से की जा रही ट्रैप कार्रवाई से सभी लेखपालों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
लेखपाल ग्रामीण क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों के बीच शासन की योजनाओं और राजस्व संबंधी दायित्वों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष कर्मचारी के खिलाफ गलत या सुनियोजित कार्रवाई होने से उसके सेवाकाल, सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। लेखपालों ने अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप के साथ हुई घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस दौरान लेखपालों ने थाना दिवसों के बहिष्कार का भी ऐलान किया। धरने में शमशेर सिंह, विमल गंगवार, नीरज कुमार, बबलू, शुभम गंगवार, गरिमा भटनागर और गरिमा चौहान समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।


