शिकायत पर कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच आवश्यक

हिन्दुस्तान, बहराइच
Follow us on Google News
share

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मिहींपुरवा तहसील में एंटी करप्शन की कार्रवाई के खिलाफ कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। लेखपालों में सुरक्षा की भावना कम हो रही है, इससे पहले की जांच के बिना कार्रवाई का आरोप लगाया गया है।

 शिकायत पर कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच आवश्यक

मोतीपुर, संवाददाता। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की मिहींपुरवा तहसील इकाई ने लेखपालों के विरुद्ध एंटी करप्शन एवं विजिलेंस टीम की कार्रवाई को लेकर शनिवार तहसील में कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जांच और कार्रवाई की निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। धरने के चलते फरियादियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। संघ ने आरोप लगाया कि शिकायतों की प्राथमिक जांच किए बिना सीधे ट्रैप कार्रवाई किए जाने से लेखपालों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। लेखपाल राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और गांव-गांव जाकर शासन की योजनाओं एवं राजस्व संबंधी कार्यों को पूरा करते हैं।

भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण हटाने अथवा अन्य मामलों में नियमों के विपरीत कार्य कराने का दबाव भी लेखपालों पर बनाया जाता है। ऐसे मामलों में शिकायत के आधार पर कार्रवाई से पहले तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। 20 अगस्त को जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्ष दीप के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए संघ ने नाराजगी जताई। कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से लेखपालों में मानसिक तनाव और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।संघ ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता। यदि कोई कर्मचारी रिश्वत मांगता या लेता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन शिकायतों की निष्पक्ष जांच और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन भी जरूरी है। ज्ञापन देने वालों में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ मिहींपुरवा के अध्यक्ष मुकेश कुमार, मंत्री रवि वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपकार मिश्रा, विमलेश यादव, कनिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप कमल, उपमंत्री संजय सिंह, कोषाध्यक्ष आकाश कुमार वर्मा और संरक्षक हेमंत श्रीवास्तव आदि पदाधिकारी एवं लेखपाल शामिल रहे।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsशिकायत पर कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच आवश्यक