लेखपालों ने जबरन ट्रैप करने का आरोप लगाते हुए दिया धरना
अमेठी में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को विजिलेंस पर लेखपालों को जबरन ट्रैप करने के आरोप में धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हैं, लेकिन गलत तरीके से फंसाने को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अमेठी। संवाददाता विजिलेंस पर लेखपालों को जबरन ट्रैप कर फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। थाना समाधान दिवस के दौरान जिले के लेखपाल पूरे दिन राजस्व कार्य से विरत रहे। लेखपालों ने अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।गौरीगंज तहसील में तहसील अध्यक्ष कुलदीप यादव और महामंत्री मनीष कुमार सरोज की अगुवाई में लेखपाल एडीएम न्यायिक के न्यायालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान लेखपालों ने विजिलेंस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लेखपालों को जबरन ट्रैप कर कार्रवाई की जा रही है।
इससे लेखपालों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। लेखपालों ने अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में लेखपाल के खिलाफ हुई ट्रैप कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह से यह कार्रवाई की गई, उससे कई सवाल खड़े होते हैं। संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का संघ विरोधी नहीं है, लेकिन किसी कर्मचारी को षड़यंत्र या गलत शिकायत के आधार पर फंसाया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघ ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में मांग की कि विजिलेंस और भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से लेखपालों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता और संबंधित प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। गौरव यादव, आदित्य, राजन समेत कई लेखपाल मौजूद रहे। वहीं अमेठी तहसील में लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष प्रभात सिंह के नेतृत्व में लेखपालों ने धरना दिया। संघ के तहसील उपाध्यक्ष विकास तिवारी ने विरोध जताते हुए कहा कि एंटी करप्शन टीम को यदि किसी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसकी जांच नियमानुसार करनी चाहिए, इस तरह बर्बर तरीके से गिरफ्तार नहीं करना चाहिए। अवध नरेश शुक्ल, आशीष दूबे, अरविंद सिंह, दीपक सहित दर्जनों लेखपाल मौजूद रहे।


