माटीकला कारीगरों को मिलेगा विद्युत चालित चाक, 14 अगस्त तक करें आवेदन
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित योजना के तहत पारंपरिक माटीकला कारीगरों को विद्युत चालित चाक निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य कारीगरों की उत्पादकता और आय को बढ़ाना है। चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा और आवेदन 14 अगस्त तक किए जा सकते हैं।

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित माटीकला टूल किट्स वितरण योजना के तहत जनपद के परंपरागत माटीकला कारीगरों एवं शिल्पियों को आधुनिक तकनीक से युक्त विद्युत चालित चाक निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का उद्देश्य पारंपरिक माटीकला व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए कारीगरों की उत्पादकता बढ़ाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।जिला ग्रामोद्योग अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि चयनित लाभार्थियों को विद्युत चालित चाक वितरित किए जाने से पूर्व विभागीय मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, खजनी (गोरखपुर) में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक टूल किट्स एवं उपकरणों के संचालन और उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी, ताकि कारीगर आधुनिक तकनीक का बेहतर ढंग से लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि लाभार्थियों का चयन सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। योजना के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे जो परंपरागत माटीकला कारीगर हों, या ऐसे कारीगर परिवार के शिक्षित बेरोजगार सदस्य हों। इसके अलावा माटीकला की किसी विधा में प्रशिक्षित एवं प्रमाण-पत्र धारक, स्वरोजगार में रुचि रखने वाले अथवा परंपरागत कारीगर परिवार की महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं। योजना के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए तथा उनकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को शासनादेश के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। चयन प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर, तकनीकी दक्षता रखने वाले तथा विपणन क्षमता वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 14 अगस्त तक उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय नरकटिया बुजुर्ग कसया में संपर्क कर सकते हैं।


