खिलौना उद्योगों को 35 करोड़ तक वित्तीय मदद देगी सरकार

हिन्दुस्तान, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश खिलौना निर्माण प्रोत्साहन नीति 2025 को मंत्रिपरिषद की मंजूरी एनसीआर में 15 प्रतिशत,

खिलौना उद्योगों को 35 करोड़ तक वित्तीय मदद देगी सरकार

- स्टांप ड्यूटी में 100% छूट, पांच वर्ष तक दो रुपये यूनिट बिजली बिलों में छूट

लखनऊ, विशेष संवाददाता

राज्य सरकार ने यूपी में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके लिए खिलौना कारखाना लगाने वाले उद्यमियों को 35 करोड़ तक पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश खिलौना निर्माण प्रोत्साहन नीति 2025 को मंजूरी दी गई है।

मुख्य निर्णय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। यूपी में अभी तक खिलौना निर्माण के लिए कोई नीति नहीं थी। नई नीति के तहत गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में खिलौना कारखाना लगाने के लिए संयंत्र और मशीनरी खरीद पर 15% तक पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। उत्पादन शुरू होने तक पूंजीगत सब्सिडी अधिकतम 20 करोड़ उत्पादन शुरू होने के बाद तीन किस्तों में दी जाएगी। इन दोनों जिलों को छोड़कर शेष प्रदेश में उद्योग लगाने मशीनरी खरीद पर 25% पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। उत्पादन शुरू होने के बाद अधिकतम 35 करोड़ तक तीन किस्तों में सब्सिडी भुगतान की जाएगी।

अन्य सहूलियतें

इसके अलावा भी कई तरह की सहूलियतें दी गई हैं। खिलौना कारखानों तथा सहायक इकाइयों को लगाने के लिए खरीद अथवा पट्टे पर ली जाने वाली भूमि पर 100 फीसदी की स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाएदी। घरेलू पेटेंट कराने के लिए होने वाले व्यय का 75% अधिकतम 5 लाख तथा अंतरराष्ट्रीय पेटेंट पर अधिकतम 10 लाख एक मुश्त सब्सिडी दी जाएगी। खिलौना विनिर्माण इकाइयों को दस वर्ष तक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में छूट दी जाएगी। भू उपयोग परिवर्तन शुल्क पूरी तरह माफ होगा। खिलौना निर्माण इकाइयों को उत्पादन शुरू होने के पांच वर्ष तक बिजली बिल में 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से सब्सिडी दी जाएगी। यह अधिकतम 60 लाख रुपये प्रतिवर्ष होगी।

आर्थिक सहयोग

उद्योगों को ईएसआई और ईपीएफ भुगतान में भी राज्य सरकार मदद देगी। उत्पादन शुरू होने के बाद किसी कर्मचारी को न्यूनतम एक वर्ष तक रोजगार देने वाली इकाइयों को ईपीएफ भुगतान में 100% छूट दी जाएगी। यह प्रतिपूर्ति अधिकतम 1000 रुपये प्रति माह होगी। प्रति इकाई अधिकतम पांच करोड़ तक ही भुगतान किया जाएगा। उत्पादों की मार्केटिंग पर भी प्रदेश सरकार अनुदान देगी। बीआईएस गुणवत्ता प्रमाणपत्र के लिए भी एक लाख रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। यह भी साफ कर दिया गया है कि स्थायी पूजी निवेश के 100 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा।

भूमि सब्सिडी

बुंदेलखंड व पूर्वांचल को 40% तक भूमि सब्सिडी

नई नीति के तहत प्रदेश के तीन क्षेत्रों को अलग-अलग भूमि सब्सिडी दी जाएगी। नोएडा और गाजियाबाद में उद्योग लगाने पर 20% मध्यांचल में 30% तथा बुंदेलखंड व पूर्वांचल में 40% तक भूमि सब्सिडी दी जाएगी। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों से आवंटित भूमि पर निवेशकों को सब्सिडी के बराबर बैंक गारंटी देनी होगी। बैंक गारंटी की अवधि कार्शियल उत्पादन शुरू होने के 4 वर्ष तक होगी.

सामान्य प्रश्न

✦खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कितनी पूंजीगत अनुदान दी जाएगी?−
35 करोड़ तक पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा।
Hindustan | Bureau

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