प्रदेश के छोटे शहरों के औद्योगिक विकास पर फोकस
-नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर के साथ टियर-2-3 शहरों पर ध्यान -एक्सप्रेसवे किनारे आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों

लखनऊ, विशेष संवाददाता
राज्य सरकार ने छोटे शहरों के औद्योगिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। खासकर एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित जिलों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, जिससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। यहां औद्योगिक क्षेत्र अधिसूचित किए जा रहे हैं और भूमि अधिग्रहण भी शुरू हो गया है। कुछ स्थानों पर यूपीसीडा तथा एक्सप्रेसवे के किनारे वाले जिलों में यूपीडा औद्योगिक ढांचा विकसित कर रहा है।
औद्योगिक विकास पर ध्यान
नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर जैसे शहरों के साथ अब पूर्वांचल और बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित 26 जिलों में इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। उन्नाव, मेरठ, हरदोई, संभल, फिरोजाबाद मैन्युफैक्चरिंग लॉजिस्टिक क्लस्टर में भूमि आवंटन शुरू हो चुका है। ये सभी औद्योगिक क्लस्टर एक्सप्रेसवे के किनारे हैं। इसके अलावा अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर में आद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव है। जौनपुर में सतहरिया में पहले से यूपीसीडा का औद्योगिक क्षेत्र है। इसे अपग्रेड करने का प्रस्ताव है, ताकि नए निवेश कराए जा सकें।
बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास
बुंदेलखंड में बांदा, चित्रकूट के साथ ललितपुर, हमीरपुर, जालौन में भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। झांसी में डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यहां कई बड़े निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। यही वजह है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से झांसी लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। अभी हाल ही में कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
कताई मिलों की भूमि पर औद्योगिक शहर
प्रयागराज, कानपुर, सीतापुर, गाजीपुर, हरदोई समेत 14 जिलों में स्थित बंद कताई मिलों की जमीन राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित हो चुकी है। ये भूमि शहरों के बीच में है। यहां पहुंच आसान है और आधारभूत ढांचा भी है। अब यूपीसीडा इसे उद्योगों के अनुरूप विकसित करने की तैयारी कर रहा है। बंद मिलों से मिली करीब 450 एकड़ भूमि में उद्योगों के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। छोटे-बड़े भूखंड के साथ आंतरिक ढांचा विकसित किया जाएगा। यहां औद्योगों की मौजूदा जरूरत के मुताबिक आधारभूत ढांचा विकसित होगा ताकि निवेश को आकर्षित किया जा सके।


