अब बिचौलिए नहीं, सीधे बैंक खातों में पहुंचेगा मानदेय
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कार्मिकों के लिए एक नई सेवा निगम की शुरुआत की है। इस मौके पर कार्मिकों के हित में कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गईं, जिसमें नियमित वेतन भुगतान और उनके ईपीएफ एवं ईएसआई खातों की स्थापना शामिल है। यह कदम कार्मिकों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

आउटसोर्स कार्मिकों के लिए बुधवार का दिन खुश खबरी लेकर आया। सीएम ने आउटसोर्स कार्मिकों के भविष्य को सुरक्षित एवं उज्ज्वल बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया। साथ ही कार्मिकों के हित में कई महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। सीएम के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यहां कासगंज विकास भवन में आयोजित समारोह में सभी को दिखाया गया। विकास भवन स्थित विवेकानंद सभागार में समारोह में मुख्य रूप से विधायक देवेंद्र राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा, सीडीओ वीरेद्र सिंह, एडीएम वित्त व राजस्व दिग्विजय प्रताप सिंह, डीडीओ सुभाष चन्द्र, एसडीएम हर्षिता देवड़ा, बीएसए विकास सिंह, सहायक आयुक्त श्रम विभाग सुरेंद्र कुमार सिंह ने घोषणाओं के अंतर्गत आउटसोर्स कार्मिकों के भुगतान समेत लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विधायक ने बताया कि घोषणाओं के तहत आउटसोर्स कार्मिकों को प्रत्येक माह की एक से पांच तारीख के मध्य मानदेय का अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाएगा। नए एवं पुराने सभी कार्मिकों के ईपीएफ एवं ईएसआई खाते अनिवार्य रूप से खोले जाएंगे एवं मानदेय का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा।


