नीट के आयोजन में सतर्कता बरतें डीएम व एसपी: मुख्य सचिव
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नीट की तैयारी की समीक्षा की, जिसमें 3.5 लाख अभ्यर्थियों की भागीदारी होगी। इसके अलावा, वय वंदना योजना के तहत कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 9 जोन बनाए जाएंगे और जनशिकायतों का निस्तारण प्रभावी ढंग से करने के लिए एआई प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ की समीक्षा लखनऊ। विशेष संवाददाता
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ नीट तैयारी की समीक्षा की। कहा कि 59 जनपदों में लगभग 3.5 लाख अभ्यर्थी नीट में शामिल हो रहे हैं। इसे देखते हुए परीक्षा आयोजन में सतर्कता और संवेदनशीलता बनाए रखें। एनटीए की गाइडलाइन के मुताबिक तय समय पर शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष परीक्षा कराया जाए। मुख्य सचिव ने परीक्षा केंद्रों पर महिला एवं पुरुष पुलिस कर्मियों की तैनाती, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, प्रमुख चौराहों एवं परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुरक्षा और आवागमन के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
वय वंदना योजना के तहत लाभार्थियों का कार्ड बनाना
वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के सभी पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। ई-केवाईसी में डाटा करेक्शन पोर्टल विकिसत करने तथा आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की मदद से छूटे लाभार्थियों के कार्ड बनवाने के आदेश दिए। सीएमओ तथा सीडीओ नियमित समीक्षा करें।
सरदार बल्लभभाई पटेल औद्योगकि क्षेत्र के लिए 9 जोन
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरदार बल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में स्किल डेवलेपमेंट सेंटर, एमएसएमई औद्योगिक प्लांट, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, ड्राइविंग ट्रेनिगं सेंटर, रोजगार भवन, जिला उद्योग केंद्र, हेल्थ सेंटर, फायर स्टेशन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रदेश को 9 क्षेत्रीय जोन में विभाजित किया गया है। जोन एक में नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, दो में बुलंदशहर, बागपत, मेरठ, सहारनपुर मंडल, तीन में मुरादाबाद, बरेली, चार में आगरा व अलीगढ़, जोन 5 में लखनऊ, अयोध्या, 6 में कानपुर, प्रयागराज, जोन 7 में वाराणसी, विंध्याचल और आजमगढ़, 8 में झांसी, चित्रकूट, 09 में गोरखपुर, बस्ती तथा देवीपाटन मंडल शामिल किए गए हैं। सभी डीएम 50 से 100 एकड़ भूमि चिह्ननित कर एमएसएमई विभाग को उपलब्ध कराएंगे।
जिला स्तरीय अधिकारी नियमित सुनें शिकायतें
जनशिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए। जनपद स्तरीय अधिकारी तय समय पर जनसुनवाई करें तथा शिकायतों को अनिवार्य रूप से आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराया जाए। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधीनस्थ अधिकारी जनसुनवाई में नियमित बैठें। सभी डीएम प्रतिदिन कम से कम 10 शिकायतों का फीडबैक, असंतोषजनक पाए जाने पर विशेष समीक्षा करेंगे। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों की जवाबदेही तय करें।
AI की मदद से शिकायतों की निगरानी
मुख्य सचिव ने बताया कि शासन एवं जिला स्तर पर जनशिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग और निस्तारण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली का परीक्षण किया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही आईजीआरएस पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा। यह प्रणाली शिकायतों का सार प्रस्तुत करने तथा समाधान के विकल्प सुझाने में सहायक होगी।
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