प्रभु श्रीराम को चित्रकूट ने दिया था आश्रय, अब संकट में चित्रकूटवासी: योगी
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर जताई सहानुभूति कृपा से चित्रकूट में बची जनहानि चित्रकूट, संवाददाता। धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी के

चित्रकूट, संवाददाता। धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी के जलप्रलय से हुई त्रासदी का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम को संकटकाल में चित्रकूट ने आश्रय दिया था। आज चित्रकूटवासी संकट में है। प्रभु श्रीराम का भक्त होने के नाते वह यहां आए है। भरोसा दिया कि चित्रकूटवासियों की वह हर तरह से मदद करेंगे। सरकार नुकसान की भरपाई करेगी। रामायण मेला परिसर में आयोजित राहत किट वितरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम, कामदनाथ, हनुमान जी की कृपा और यहां के ऋषि-मुनियों की तप का परिणाम है कि इतने बड़े जलप्रलय में कोई जनहानि नहीं हुई।
त्रासदी की जानकारी
उन्होंने गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं, व्यापारियों और साधु-संतों को किया आश्वस्त किया कि जिसका जो भी नुकसान हुआ है, सरकार हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट की पावन धरा में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने लगभग 12 वर्ष रहकर ऋषि मुनियों के सानिध्य में रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया था। भगवान कामदनाथ की परिक्रमा के माध्यम से यहां हर श्रद्धालु अपने जीवन की मनोकामना की पूर्ति करते है। मां मंदाकिनी में पावन स्नान कर प्रत्येक सनातनधर्मी अपने जीवन को धन्य करता है। ऐसे पावन चित्रकूट की धरा को हजारों वर्षों से ऋषि-मुनियों के पवित्र साधना की स्थली बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।
विधायक की मांग
धर्मनगरी से लेकर पाठा तक की विधायक ने बताई त्रासदी मानिकपुर विधायक अविनाशचंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए मंदाकिनी, बाल्मीकि व बरदहा नदी की बाढ़ से धर्मनगरी चित्रकूट व पाठा क्षेत्र में हुई त्रासदी से अवगत कराया। कहा कि बाढ़ की चपेट में कई क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। मानिकपुर के पाठा क्षेत्र में चमरौहा के पास बरदहा नदी पर पुल का निर्माण होना जरुरी है। बरदहा नदी के उफान में आने से लोगों के मकान गिर गए है। सभी प्रभावितों को मुख्यमंत्री आवास दिए जाने की विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग भी की।


