33 डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
यूपी बोर्ड ने जुलाई 2022 से अनिवार्य ऑनलाइन उपस्थिति में लापरवाही को लेकर सख्त कार्रवाई शुरू की है। 33 जिलों में 10% से कम स्कूलों द्वारा उपस्थिति नहीं दर्ज करने पर 33 डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। संबंधित जिलों को सभी विद्यालयों में 100% ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रयागराज, मुख्य संवाददाता। यूपी बोर्ड के स्कूलों में पिछले साल जुलाई में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति वेब पोर्टल/मोबाइल ऐप के माध्यम से अनिवार्य किए जाने के 14 महीने बावजूद लापरवाही पर सख्ती शुरू हो गई है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने प्रदेशभर के उन 33 डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन से की है जिन जिलों के दस प्रतिशत से भी कम स्कूल वर्तमान शैक्षिक सत्र में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे है। साथ ही सचिव ने संबंधित जिलों के डीआईओएस को छह दिनों के अंदर सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों में शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।इन
33 जिलों में भदोही के 196 स्कूलों में से कोई ऑनलाइन उपस्थिति नहीं दे रहा है। इसके अलावा उन्नाव, मिरजापुर, फरुर्खाबाद, सहारनपुर, गोण्डा, प्रयागराज, चित्रकूट, चंदौली, कानपुर नगर, मैनपुरी, सिद्धार्थनगर, आगरा, बलिया सोनभद्र, हमीरपुर, आजमगढ़, कौशाम्बी, कानपुर देहात, जौनपुर, सुल्तानपुर, फतेहपुर, गाजीपुर, हाथरस, बुलंदशहर, लखनऊ, बांदा, हरदोई, अलीगढ़, फिरोजाबाद, बहराइच, देवरिया एवं गोरखपुर में 10 प्रतिशत अथवा उससे भी कम विद्यालय ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। इसे बोर्ड के निर्देशों की अवहेलना एवं शिथिल पर्यवेक्षण का परिणाम मानते हुए सचिव ने कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।


