प्रशासक बने ग्राम प्रधान व ब्लॉक प्रमुखों को गाइडलाइन का इंतजार
- पंचायती राज विभाग की हीलाहवाली से बिगड़ा काम लखनऊ, प्रमुख संवाददाता यूपी में

यूपी में ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों व जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें प्रशासक बनाया गया है, लेकिन उनके हाथ अभी भी बंधे हुए हैं। उन्हें छिटपुट काम करने के लिए भी दौड़भाग करनी पड़ रही है। डीएम कार्यालय में फाइलें लटकने से कार्य प्रभावित हो रहा है और अधिकारों को लेकर जनप्रतिनिधि परेशान हैं।राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा कहते हैं कि एक के बाद एक जिले में मिड डे मील से संबंधित काम डीएम उनसे वापस ले रहे हैं। नई ग्राम पंचायत के गठन तक मिड डे मील से संबंधित काम विद्यालय प्रबंध समिति से कराए जाने का आदेश देवरिया व बाराबंकी सहित कई जिलों में जारी हो चुका है।
डीएम कार्यालय में जो फाइलें भेजी जा रही हैं, वह लंबे समय तक लटकी रहती हैं। 26 मई को ग्राम प्रधानों और उसके बाद जुलाई में ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बनाया गया था। उस समय पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक प्रशासकों के बेहतर ढंग से काम करने के लिए एक गाइडलाइन जारी करने को कहा था। अभी तक गाइडलाइन जारी नहीं हो पाई है।


