DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

उत्तर प्रदेश और बिहार वालों की इनकम दूसरे राज्यों से कम, लेकिन टैक्स ज्यादा

देश में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की प्रति व्यक्ति आय अन्य राज्यों से काफी कम है। इसके बावजूद आय के मुकाबले कर अनुपात सबसे अधिक है। दोनों राज्यों के लोग प्रति व्यक्ति आय का 20%  से अधिक कर चुकाते हैं। इसके उलट दिल्ली और हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है। जबकि आय के मुकाबले कर अनुपात सबसे कम है।

वित्त विभाग के आंकड़ों के मुताबिक यूपी में 50,942 रुपये प्रति व्यक्ति आय पर लोगों को 11,239 रुपये औसत कर देना पड़ता है, जो कुल आय का 22.06 फीसदी है।  इसी प्रकार बिहार के लोगों पर कर का बोझ कुल आय का 23.81%  था। बिहार में प्रति व्यक्ति आय महज 34,409 रुपये थी जबकि प्रति व्यक्ति कर 8,191 रुपये देना पड़ा था।

महाराष्ट्र- हरियाणा में कर कम : प्रति व्यक्ति अधिक आय वाले राज्यों में लोगों पर कर का बोझ भी कम है। वर्ष 2016-17 में हरियाणा में प्रति व्यक्ति आय 1,80,174 रुपये थी। जबकि कर का भार 18,433 रुपये था।  वहीं, महाराष्ट्र में प्रति व्यक्ति आय 1,65,491 रुपये थी। यहां के लोगों को औसतन 16,285 रुपये  कर देना पड़ा, जो अध्ययन में शामिल 15 राज्यों में सबसे कम है। देश के सबसे साक्षर राज्य केरल में प्रति व्यक्ति आय 1,63,475 रुपये थी। जबकि कर भार 20,090 रुपये प्रति व्यक्ति था।

अधिकतर राज्यों में 20% से कम कर : आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु में भी वर्ष 2016-17 में  प्रति व्यक्ति आय एक लाख रुपये से अधिक थी। इन राज्यों में प्रति व्यक्ति कर भार अधिकतम 12 फीसदी ही रही। असम, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में भी प्रति व्यक्ति आय 67 से 93 हजार रुपये के बीच रही। इन राज्यों में भी प्रति व्यक्ति कर भार 12 से 19 फीसदी तक रहा।

दिल्ली में  आय तीन गुना : गत वर्षों से दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक है। 2016-17 में दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत 1,03,870 रुपये के मुकाबले  3,00,793 रुपये थी। जबकि प्रति कर भार मात्र 18,762 रुपये  रहा। 

1.03 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय स्तर 2016-17 में  

1.26 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय स्तर पर 2018-19

बजट विशेषज्ञ लहरी यादव ने बताया, 'यूपी और बिहार आर्थिक रूप से बहुत पिछड़े हैं। इस कारण ही लोगों को कम कमाई पर भी अधिक कर देना पड़ता है। विकास होने पर ही स्थिति बदलेगी।"

राज्य        कर (आय का प्रतिशत)
बिहार      23.81
यूपी         22.06
झारखंड   19.15
केरल      12.29
गुजरात    10.22
हरियाणा   10.23
महाराष्ट्र    09.84
दिल्ली      6.26

इन करों के बोझ से दबे
आम लोगों को जीएसटी, वैट, उत्पाद शुल्क, स्टांप ड्यटी, परिवहन कर देने पड़ते हैं। इसके अलावा खनन खनिजकर्म, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, सरकारी मकान का किराया, गेस्ट हाउस आदि का शुल्क देना पड़ता है। शुल्क में सबसे अधिक राजस्व खनन से राज्यों को मिलता है, अन्य मद में न्यूनतम शुल्क ही मिलते हैं। 

यूपी ने किया अध्ययन
अर्थ एवं संख्या प्रभाग राज्य नियोजन संस्थान उत्तर प्रदेश ने 2016-17 में राज्य के कर राजस्व का प्रति व्यक्ति भार और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Uttar Pradesh Bihar Per Capita Income Low But Tax High Than Delhi haryana