यूपी-बिहार के बीच 14 नए रूटों पर चलेंगी परिवहन निगम की बसें
- दोनों राज्यों में किराये में एकरूपता लाने पर भी सहमति - परिवहन मंत्रियों

लखनऊ, विशेष संवाददाता
यूपी और बिहार में परिवहन निगम की बसों के किराये में एकरूपता लाए जाने के साथ ही दोनों राज्यों के बीच 14 नए रूटों पर बसें चलाए जाने पर सहमति बनी है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत के बीच सोमवार को लखनऊ में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी हुए।
बसों की बेहतर कनेक्टिविटी
लखनऊ स्थित होटल अवध क्लार्क में आयोजित द्विपक्षीय वार्ता में दोनों राज्यों के बीच बसों की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ ही यात्रियों को आरामदायक और सुलभ यात्रा के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि 14 नये मार्गों पर बसों के संचालन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। दोनों राज्यों के मध्य 2016 से 25 विभिन्न मार्गों पर बसें चल रही हैं। अब कुल 39 मार्गों पर बसों की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से दोनों राज्यों के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी तथा अन्तरराज्यीय बस सेवाओं का विस्तार होगा। दोनों राज्यों में किराये में एकरूपता लाए जाने पर भी सहमति जताई गई।
नवीन मार्गों का निर्धारण
बैठक में तय हुआ कि नवीन मार्गों का निर्धारण करने के लिए आधिकारिक रूप से शीघ्र ही दूसरे चरण की बैठक होगी। नवीन मार्गों का फिर से परीक्षण कर समतुल्य किलोमीटर के आधार पर समझौता किए जाने पर भी सहमति व्यक्त की गई। साथ ही दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों में बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आपसी सहयोग पर बल दिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग अर्चना अग्रवाल, राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन.सिंह, परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन, प्रशासक बिहार राज्य पथ परिवहन निगम अतुल कुमार वर्मा समेत बिहार के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अयोध्या को सीतामढ़ी से जोड़ने का प्रस्ताव
बैठक में बिहार के परिवहन मंत्री से आग्रह किया कि अयोध्या को सीतामढ़ी से और गया को जोड़ने की योजना पर काम किया जाना चाहिए क्योंकि अयोध्या का सीतामढ़ी से बड़ा ही पावन संबंध है। मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि बहुत से श्रद्धालु बाबाधाम बैजनाथ व गंगासागर की भी यात्रा करते हैं। ऐसे में इन स्थलों को भी परिवहन सेवा की कनेक्टिविटी प्रदान करने पर भी विचार होना चाहिए। बिहार से यूपी के कई जिलों की सीमा लगी हुई है, जहां प्रतिदिन लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में परिवहन सेवा से इन जिलों को जोड़ना लाभदायक होगा। बैठक में बिहार के परिवहन मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार बौद्ध और सीतामढ़ी तीर्थस्थल के विकास पर कार्य कर रही है। ऐसे में धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को इस पहल से काफी सहूलियत होगी। इससे परिवहन निगम की आय में भी वृद्धि होगी।


