‘कम वर्षा वाले जिलों में नहरों-पंप कैनालों से पहुंचाएं पानी’ : कृषि मंत्री
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि वर्षा की कमी वाले क्षेत्रों में नहरों और अन्य सिंचाई स्रोतों का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने विशेष निगरानी के साथ किसानों को समय पर पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दिनों में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान जताया है।

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि जहां वर्षा की कमी है, वहां नहरों, पंप कैनालों तथा अन्य सिंचाई स्रोतों का अधिकतम उपयोग कर सिंचाई की व्यवस्था की जाए। श्री शाही ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि नहरों का संचालन प्रभावी ढंग से किया जाए तथा किसानों को पानी की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। कृषि मंत्री सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष में मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मानसून, वर्षा की स्थिति, खरीफ फसलों की प्रगति तथा सिंचाई व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे。
वर्षा की स्थिति की समीक्षा
समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य किसानों को समय पर सिंचाई, पर्याप्त पानी और हर संभव तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में जिन जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है, वहां विशेष निगरानी रखते हुए सिंचाई विभाग के साथ समन्वय बनाकर किसानों की खेतों तक समय पर पानी पहुंचाया जाए ताकि धान सहित खरीफ की अन्य फसलों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
मौसम विज्ञान विभाग की जानकारी
इस दौरान मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आगामी कुछ दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, जबकि 17-18 जुलाई के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश से मानसून के पुनः सक्रिय होने के संकेत हैं। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि मौसम संबंधी प्रत्येक अपडेट तत्काल कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों को समय रहते आवश्यक सलाह दी जा सके। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि किसी भी किसान को पानी, बीज अथवा कृषि संबंधी सुविधाओं के अभाव में नुकसान न उठाना पड़े।


