डीपी-1::::: लखनऊ बना देश का सबसे साफ हवा वाला शहर, दूसरे स्थान पर इंदौर
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणाम जारी किए - देश

नोट:: पूरी खबर अपडेट की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश के शहरों की सूची को समाहित किया गया है। -----------------------------------
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणाम जारी किए
- देश की राजधानी दिल्ली 21वें और मुंबई 28वें स्थान पर रही
- मध्य प्रदेश का इंदौर पिछले आठ साल से स्वच्छ शहरों में पहले पायदान पर था
- सूची में उत्तर प्रदेश के 16 शहरों ने जगह बनाई
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नई दिल्ली/लखनऊ, विशेष संवाददाता/एजेंसी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सेमवार को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणाम घोषित कर दिए। रैकिंग में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राजधानी लखनऊ की हवा देश में सबसे स्वच्छ पाई गई। लखनऊ ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त करते हुए इंदौर को पीछे छोड़ दिया है। लखनऊ ने 200 में 198 अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, इंदौर को 197 अंक मिले। जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में यूपी के 16 शहरों ने जगह बनाई
वहीं, देश की राजधानी दिल्ली 21वें और मुंबई 28वें स्थान पर रही। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी (कैटेगरी-1) में राजधानी दिल्ली को 172, मुंबई को 160.8 अंक मिले। वहीं, बिहार की राजधानी पटना 178 अंकों के साथ 23वें पायदान पर रही। जबकि, झारखंड की राजधानी रांची 162.5 अंकों के साथ 36वें क्रम पर रही।
श्रेणी-1 (10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर)
श्रेणी-1 (10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर)
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर श्रेणी-1 में शामिल है। इसमें लखनऊ को पहला, मध्य प्रदेश के इंदौर को दूसरा, जबलपुर को तीसरा, भोपाल और उत्तर प्रदेश के आगरा को संयुक्त रूप से चौथा स्थान मिला है। जबकि, गुजरात के सूरत को पांचवां स्थान हासिल हुआ है। श्रेणी-1 में 48 शहरों को शामिल किया गया था.
श्रेणी-2 (तीन से 10 लाख की आबादी वाले शहर)
श्रेणी-2 (तीन से 10 लाख की आबादी वाले शहर)
तीन से दस लाख की आबादी वाले शहर श्रेणी-2 में हैं। इसमें ओडिशा के राउरकेला ने 200 में से 198.5 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। जबकि, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और आंध्र प्रदेश का गुंटूर 195 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, महराष्ट्र का अमरावती तीसरे नंबर पर रहा। इसे 194 अंक हासिल हुए।
श्रेणी-3 (तीन से कम आबादी वाले शहर)
श्रेणी-3 (तीन से कम आबादी वाले शहर)
तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों को श्रेणी-3 में रखा गया है। इसमें ओडिशा के कलिंग नगर ने 200 में से 198.5 अंक हासिल कर पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, दूसरे नंबर पर ओडिशा का ही अंगुल शहर रहा। इसे कुल 196.5 अंक मिले, जबकि ओडिशा का ही तालचेर शहर 193.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भुवनेश्वर 193.5, झांसी 193.5 अंकों के साथ क्रमश: चौथे और पांचवें क्रम पर रहे।
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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में यूपी के 16 शहरों ने जगह बनाई
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की अगल-अलग श्रेणी में उत्तर प्रदेश के 16 शहरों ने जगह बनाई है। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की कैटेगरी-1 में यूपी के छह शहरों ने स्थान बनाया। लखनऊ पहले, आगरा चौथे, गाजियाबाद नौवें, कानपुर 11वें, प्रयागराज 13वें और मेरठ 22वें स्थान पर रही। तीन लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों की कैटेगरी-2 में यूपी के छह शहरों ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें फिरोजाबाद ने दूसरा, झांसी ने 5वां, मुरादाबाद और नोएडा ने 8वां, गोरखपुर ने 22वां और बरेली ने 26वां स्थान प्राप्त किया। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी-3 में प्रदेश के चार शहरों रायबरेली ने 17वां, अनपरा ने 29वां, खुर्जा ने 30वां और गजरौला ने 31वां स्थान प्राप्त किया।
वार्ड स्तर पर भी यूपी का शानदार प्रदर्शन
वार्ड स्तर पर भी यूपी का शानदार प्रदर्शन
30 हजार से अधिक आबादी वाले शहरी वार्डों की राष्ट्रीय श्रेणी में लखनऊ के जोन-4 स्थित वार्ड संख्या 70 ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली वार्ड श्रेणी में प्रयागराज के वार्ड संख्या 31 ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया। राज्य स्तरीय वार्ड पुरस्कारों में कानपुर का वार्ड 78, प्रयागराज का वार्ड 33 तथा बरेली के गांधी उद्यान वार्ड 32 को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इन वार्डों में खुले में कूड़ा जलाने पर प्रभावी रोक तथा स्थानीय स्तर पर धूल नियंत्रण जैसे उपायों को प्राथमिकता दी गई।
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ये रहे टॉप-5 शहर
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) - 198 अंक (रैंक-1)
इंदौर (मध्य प्रदेश) - 197 अंक (रैंक-2)
जबलपुर (मध्य प्रदेश)- 195 अंक (रंक-3)
भोपाल (मध्य प्रदेश)/आगरा (उत्तर प्रदेश) - 192 अंक (संयुक्त रूप से रैंक-4)
सूरत (गुजरात) - 191 अंक (रैंक-5)
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इन्हें मिली इतनी पुरस्कार राशि
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) - 1.5 करोड़ रुपये
इंदौर (मध्य प्रदेश) - 1 करोड़ रुपये
जबलपुर (मध्य प्रदेश)- 50 लाख रुपये
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10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में यूपी का प्रदर्शन
शहर राष्ट्रीय रैंक कुल 200 अंक में कितना मिला
लखनऊ एक 198 अंक
आगरा चार 192 अंक
गाजियाबाद नौ 184 अंक
कानपुर 11 183.2 अंक
प्रयागराज 13 180 अंक
मेरठ 22 170.5 अंक
वाराणसी 34 150 अंक
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तीन से 10 लाख आबादी वाले शहर
फिरोजाबाद दो 195 अंक
झांसी पांच 192.5 अंक
मुरादाबाद संयुक्त रैंक आठ 187.5 अंक
नोएडा संयुक्त रैंक आठ 187.5 अंक
गोरखपुर 22 170 अंक
बरेली 26 165 अंक
तीन लाख से कम आबादी वाले शहर
तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी प्रदेश के कई शहरों ने मजबूत प्रदर्शन किया। रायबरेली ने 180.5 अंकों के साथ 17वां स्थान हासिल किया। अनपरा (रैंक 29), खुर्जा (रैंक 30) और गजरौला (रैंक 31) ने भी धूल नियंत्रण तथा वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की रोकथाम सहित विभिन्न उपायों में उल्लेखनीय कार्य किया।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का जताया आभार
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का जताया आभार
उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में लखनऊ का देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और विशेष रूप से राज्य के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। कहा कि स्वच्छ हवा और स्वच्छ शहर केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं हैं, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।


