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अफगानिस्तान में बढ़ेगा भारत का दखल! अमेरिकी विदेश मंत्री के दिल्ली दौरे में रहेगा टॉप एजेंडा

शिशिर गुप्ता,नई दिल्लीPublished By: Shankar Pandit
Thu, 22 Jul 2021 01:48 PM
अफगानिस्तान में बढ़ेगा भारत का दखल! अमेरिकी विदेश मंत्री के दिल्ली दौरे में रहेगा टॉप एजेंडा

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन अगले सप्ताह भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। 27-28 जुलाई को भारत दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से मिलेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री के भारत दौरे में अफगानिस्तान की स्थिति, वैक्सीन और चीन संग सीमा विवाद के मुद्दे टॉप एजेंडा में होंगे। सभी आधिकारिक बैठक 28 जुलाई को निर्धारित है।

इस सप्ताह से अमेरिकी डिप्लोमेसी एक्शन में दिखने वाला है, क्योंकि एक ओर जहां विदेश मंत्री भारत में रहेंगे, वहीं दूसरी ओर उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमेन जापान में हैं और रविवार को चीन की यात्रा पर जाएंगी। इसके अलावा, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयज जे ऑस्टिन अगले सप्ताह सिंगापुर, वियतनाम और फिलीपींस में होंगे। साउथ चाइना सी में चीनी आक्रमकता मनीला में एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा है। 

फिलहाल, सरकार विदेश मंत्री ब्लिंकन की यात्रा की डिटेल को लेकर चुप्पी साधे हुई है। हालांकि, अफगानिस्तान का घटनाक्रम एजेंडे में शीर्ष पर होगा, जहां तालिबान काबुल पर कब्जा करने के लिए खूनी संघर्ष कर रहा है। पाकिस्तान और तालिबान चाहते हैं कि दुनिया यह विश्वास करे कि उनकी जीत करीब है। मगर अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टॉफ के चेयरमैन मार्क मिली ने कहा है कि तालिबान खुद को इस तरह से पेश कर रहा है कि उसका जीतना तय है मगर इस लड़ाई का अंतिम भविष्य (एंडगेम) क्या होगा अभी इसे लिखा जाना बाकी है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि तालिबान ने देश के कुल 419 जिलों में से आधे करीब 210 जिलों पर अपना नियंत्रण कर लिया है और कई हिस्सों में अफगान सुरक्षा बलों के साथ उसका संघर्ष चल रहा है। 

भले ही तालिबान को उत्तरी बदख्शां प्रांत में बड़ी सैन्य सफलता मिली हो, मगर अफगान सरकार को आगे की लड़ाई में तालिबानियों के खिलाफ हवाई समर्थन मिलता है तो स्थिति विपरीत मोड़ ले सकती है। अगर अमेरिका और भारत के बीच इस मसले पर बातचीत होती है तो देखने वाली बात होगी कि क्या भारत अफगानिस्तान को सैन्य सहयोग करता है और वह तालिबान के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाता है। 

इसके अलावा, भारत-चीन विवाद पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है। अमेरिकी विदेश मंत्री के भारत दौरे के दौरान लद्दाख में सीमा विवाद और दक्षिण चीन सागर में चीनी आक्रमकता की पृष्ठभूमि में इंडो-पैसिफिक चर्चा भी अहम एजेंडा होंगे। भारत ने बीजिंग को स्पष्ट कर दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों के सामान्यीकरण में सभी फ्रंटों पर विवादों का हल अहम है। फिलहाल, चीन और भारत के बीच गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स से डिसएंगेजमेंट पर बातचीत प्रक्रिया जारी है।

साथ ही अक्टूबर में अमेरिका में आगामी क्वाड शिखर सम्मेलन को लेकर भी चर्चा होगी, साथ ही भारत में टीकों के उत्पादन को लेकर भी बातचीत होगी। विदेश मंत्री ब्लिंकन की यात्रा के दौरान दोनों देश राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका से प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के लिए भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करेंगे। 

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