बिल्डरों से वसूले 20 करोड़, लेने नहीं आ रहे शिकायतकर्ता
470 शिकायतकर्ताओं की राशि यूपी रेरा में रखी बैंक विवरण न देने से उनके खातों

घर और फ्लैट खरीदने वालों की शिकायतों पर बिल्डरों से करोड़ों रुपये की वसूली तो हो गई, लेकिन अब हैरानी की बात यह है कि कई खरीदार अपनी ही राशि लेने नहीं आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के पास 20 करोड़ रुपये की धनराशि पड़ी है, जिसे 470 शिकायतकर्ताओं के खातों में भेजा जाना है। बैंक खाते का अद्यतन विवरण उपलब्ध न होने के कारण यह भुगतान अटका है। यूपी रेरा ने ऐसे सभी शिकायतकर्ताओं से तत्काल संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की है। प्राधिकरण के अनुसार, बिल्डरों और प्रामोटरों से वसूली गई रकम संबंधित खरीदारों को लौटाई जानी है, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने अभी तक अपने बैंक खाते का सत्यापित विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। इसके चलते धनराशि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
कई बार भेजी जा चुकी है सूचना
रेरा अधिकारियों के मुताबिक 470 मामलों में शिकायतकर्ताओं को उनके पंजीकृत ई-मेल पते पर कई बार सूचना भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद लोग बैंक खाते का शपथ-पत्र जमा कराने नहीं पहुंचे हैं। नतीजतन करोड़ों रुपये की राशि प्राधिकरण के पास ही पड़ी हुई है।
शपथ-पत्र देकर मिलेगा पैसा
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ताओं को अपने अद्यतन बैंक खाते का पूरा विवरण 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत शपथ-पत्र के माध्यम से देना होगा। यह शपथ-पत्र स्पीड पोस्ट से भेजा जा सकता है या संबंधित कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर जमा कराया जा सकता है।
एनसीआर और अन्य जिलों के लिए अलग व्यवस्था
यूपी रेरा ने शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए क्षेत्रवार व्यवस्था भी तय की है। एनसीआर क्षेत्र के जिलों से जुड़े शिकायतकर्ताओं को अपना शपथ-पत्र गौतमबुद्ध नगर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करना होगा। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों के शिकायतकर्ताओं को लखनऊ स्थित रेरा कार्यालय में दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। रेरा का कहना है कि जैसे ही सही और सक्रिय बैंक खाते का विवरण प्राप्त होगा, वसूली गई राशि संबंधित शिकायतकर्ताओं के खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक देरी न करें, ताकि वर्षों की लड़ाई के बाद मिली उनकी धनराशि जल्द उनके खातों तक पहुंच सके।


