अब क्रिप्टो करेंसी की विवेचना का भी पाठ पढ़ेंगे दरोगा
बागपत। यूपी पुलिस ने अपने ट्रेडिंग कोर्स को अपडेट किया है ताकि दरोगा क्रिप्टो करेंसी से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच कर सकें। वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत साढ़े चार हजार से अधिक दरोगा पहली बार इसकी ट्रेनिंग लेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते साइबर अपराध से निपटने के लिए यह प्रशिक्षण आवश्यक है।

बागपत। अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए यूपी पुलिस ने अपने ट्रेडिंग कोर्स को अपडेट किया है। इससे आने वाले समय में यूपी पुलिस के दरोगा भी क्रिप्टो करेंसी से संबंधित आपराधिक मामलों की जांच और विवेचना कर सकेंगे। यूपी पुलिस ने ट्रेनिक कोर्स में पहली बार इसे कोर्स में शामिल किया है। पहली बार यूपी पुलिस ने दरोगाओं के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (ट्रेनिंग कोर्स) में इसे शामिल किया है। वर्तमान में चल रही भर्ती पक्रिया के तहत चयनित साढ़े चार हजार से अधिक दरोगा पहली बार इसकी ट्रेनिंग लेंगे। इसके तहत इन दरोगाओं को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराध, उसकी पहचान, जांच और विवेचना के दौरान उसके साक्ष्य जुटाने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा। इसके लिए ट्रेनिंग देने वाले मास्टर ट्रेनर इंस्पेक्टर और डीएसपी को प्रशिक्षित कराया गया है। गैजेट्स के प्रयोग के बीच डिजिटल करेंसी का चयन भी बढ़ रहा है। विधिक मान्यता न होने के बावजूद 3600 से अधिक तरह की क्रिप्टो करेंसी का प्रयोग हो रहा है। इससे संबंधित आपराधित मामले भी सामने आ रहे हैं। भविष्य में ऐसे मामले बहुत अधिक बढ़ने की आशंका है।
क्रिप्टो करेंसी से संबंधित अपराध
अभी तक प्रवर्तन निदेशालय(ईडी), क्रेंदीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) और वित्तीय खुफिया इकाई(एफआईयू) जैसी केंद्रीय एजेंसियां क्रिप्टोकरेंसी के मामलों की जांच और विवेचना करती हैं, लेकिन जिस तरह से क्रिप्टो करेंसी और उससे संबंधित आपराधिक घटनाएं बढ़ रही है उसे ध्यान में रखते हुए अब यूपी पुलिस भी अपनी पुलिस टीम को अपडेट कर रही है। इसे लेकर पुलिस मुख्यालय ने बाकायदा यूपी पुलिस उपनिरीक्षकों के ट्रेनिंग कोर्स में इस नए अध्याय को शामिल कर लिया है। इतना ही नहीं इन्हें प्रशिक्षण देने वाले इंस्पेक्टरों को इसके लिए ट्रेनिंग भी दिलाई गई है। ट्रेनिंग लेने वाले ये प्रशिक्षक प्रदेश में नई भर्ती से आने वाले साढ़े चार हजार से अधिक दरोगाओं को पहली बार क्रिप्टो करेंसी से संबंधित अपराधिक मामलों के विवेचना का पाठ पढ़ाएंगे।
क्रिप्टो करेंसी के संबंध में बढ़ती चुनौतियाँ
क्रिप्टो करेंसी को किसी भी प्रकार से कानूनी मुद्रा का दर्जा नहीं मिला है। इसके बाजवूद तरह-तरह की वेबसाइटों के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी का प्रयोग किया जा रहा है। देश में साइबर अपराधी सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों से संपर्क कर इन्वेस्टमेंट के नाम पर पैसा जमा कराके ठगी कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ हैकर्स लोगों के गैजेट्स या कंप्यूटर सिस्टम को हैक कर उसे वापस करने के लिए क्रिप्टो करेंसी में फिरौती मांग लेते हैं। मनी लॉड्रिंग और हवाला कारोबार में भी काले धन को सफेद करने में क्रिप्टो करेंसी का प्रयोग हो रहा है। इसके अलावा तमाम तरह के गेमिंग ऐप अलग-अलग तरह के क्रिप्टो करेंसी का प्रयोग कर लोगों को चूना लगा रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ड्रग और हथियारों की तस्करी में भी डार्कनेट मार्केट में क्रिप्टोकरेंसी से लेनदेन किया जाता है। भारत में इससे संबंधित अपराधों पर अंकुश के लिए बाकयदा एंटी मनी लॉडिंग एक्ट(पीएमएलए) बना हुआ है। इसके बावजूद इससे संबंधित अपराध हो रहे हैं।
पुलिस की तैयारियाँ
कोट-
इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग के साथ ही मान्यता न होने के बावजूद देश में क्रिप्टो करेंसी का प्रयोग बढ़ रहा है। ऐसे में यह आशंका है कि आने वाले समय में इससे संधित अपराध भी बढ़ंगे। उपनिरीक्षकों के अपडेट ट्रेनिंग कोर्स में क्रिप्टो करेंसी से संबंधित अपराध,विवेचना और साक्ष्य संकलन की बुनियादी जांच प्रक्रिया को शामिल किया है।
सूरज कुमार राय, एसपी बागपत


