पेंशनर्स ने वैलिडेशन ऐक्ट को वापस लेने की मांग उठाई
वाराणसी में उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की मासिक बैठक हुई, जिसमें जिलाध्यक्ष एसडी मिश्र ने सात मुख्य मांगें उठाई। इनमें वैलिडेशन एक्ट-2025 को वापस लेने, पेंशन पुनरीक्षण, और वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन में वृद्धि शामिल है। पेंशनर्स ने सरकार के उदासीन रवैये पर भी चिंता व्यक्त की।
वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की मासिक बैठक रविवार को पीडब्ल्यूडी (नदेसर) स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में हुई। जिलाध्यक्ष एसडी मिश्र ने वैलिडेशन एक्ट-2025 को वापस लेने, पेंशन पुनरीक्षण, राशिकरण की बहाली अवधि 15 से घटाकर 11 वर्ष करने समेत सात सूत्रीय मांगें उठाईं। अन्य वक्ताओं ने कहा कि पेंशनरों की 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमश: 5 प्रतिशत, 10 फीसदी और 15 प्रतिशत पेंशन वृद्धि की जाए। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में मिलने वाली छूट बहाल की जाए। कोरोना काल में फ्रीज की गई महंगाई राहत की तीन किश्तों के एरियर के भुगतान सम्बंधी शासनादेश तत्काल जारी किया जाए।
कर्मचारियों के पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल की जाए। इससे पहले नए सदस्यों का परिचय कराया गया। पेंशनर्स ने उनकी मांगों पर केंद्र और राज्य सरकार के उदासीन रवैये पर भी अफसोस जाहिर किया। बैठक को शमसुल आरेफिन, आरपी मिश्र, डीएल श्रीवास्तव, हीरालाल, डॉ. परमहंस मिश्र, डॉ. सुधाकर मिश्र, एसएन मणि, नागेंद्र सिंह, हीरालाल प्रसाद, अमरदेव, प्रभाकर दुबे, शिवप्रकाश, वीएन त्रिपाठी, दयाशंकर सिंह यादव, रामजग, शैलकुमारी, शकुंतला देवी, सावित्री देवी, रामचंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे। संचालन जिला मंत्री अवध नारायण पांडेय ने किया।


