लेखपालों ने कलम बंद कर धरना-प्रदर्शन किया
उत्तर प्रदेश के अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में लेखपाल संघ ने आंदोलन शुरू किया। लेखपालों ने कलम बंद कर धरना-प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। संघ ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निरोधक संगठन की जांच निष्पक्ष नहीं है और ईमानदार लेखपालों के लिए असुरक्षित माहौल है।

यूपी के अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। मंझनपुर तहसील में लेखपालों ने कलम बंद कर धरना-प्रदर्शन किया और थाना समाधान दिवस का बहिष्कार किया। संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर सोहावल प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पत्र में संघ का आरोप है कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन और एंटी करप्शन टीम शिकायतों पर कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की भूमिका और लेखपाल के अधिकार क्षेत्र की पर्याप्त जांच नहीं कर रही है।
इससे ईमानदारी से काम करने वाले लेखपालों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। संघ ने मांग की है कि सोहावल प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराई जाए और सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो समेत सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच हो। जांच पूरी होने तक संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई रोकने की मांग भी की गई है। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो। मंझनपुर तहसील अध्यक्ष प्रमोद यादव ने बताया कि संगठन के आवाहन पर प्रदेश के सभी 75 जिलों और 351 तहसीलों में एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया गया। लेखपाल संघ ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन और विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के लिए स्पष्ट कार्यप्रणाली जारी करने की मांग की। संघ का कहना है कि शिकायत की सत्यता की अनिवार्य जांच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई और निर्दोष लेखपाल को न्याय दिलाने की मांग की गई।


