अब दो की जगह ढाई साल का होगा रेडियोलॉजी का डिप्लोमा
-यूपी में एक्सरे, सीटी स्कैन और एमआरआई टेक्नीशियन कोर्स में बड़ा बदलाव-

लखनऊ, विशेष संवाददाता।
प्रदेश में रेडियोलॉजी फील्ड में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद (यूपीएसएएचसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मेडिकल रेडियोलॉजी से जुड़े कोर्सों में बड़ा बदलाव किया है। अब पूर्व की भांति अलग-अलग चलने वाले डिप्लोमा इन सीटी स्कैन टेक्नीशियन, एमआरआई टेक्नीशियन और एक्सरे टेक्नीशियन कोर्स बंद करके नया कोर्स शुरू किया जाएगा। इसकी अवधि दो की जगह ढाई साल की होगी。
उत्तर प्रदेश राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देख-रेख परिषद
उत्तर प्रदेश राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देख-रेख परिषद के अध्यक्ष डा. कमल पन्त द्वारा गत दिवस इस संबंध में प्रदेश के सभी एलाइड एवं हेल्थकेयर संस्थानों के कुलसचिव और प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार अब सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्सरे के अलग-अलग दो साल के डिप्लोमा की जगह डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू किया जाएगा। इसकी अवधि दो की जगह ढाई साल होगी, जिसमें छह माह की इंटर्नशिप अनिवार्य की गई है। हर संस्थान में इसकी न्यूनतम 20 और अधिकतम 60 सीटें होंगी।
छात्रों-अस्पतालों दोनों को मिलेगा फायदा
इसके साथ ही दो साल के डिप्लोमा इन ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट की अवधि भी बढ़ाकर अब ढाई साल कर दी गई है। हर संस्थान में इसकी न्यूनतम 10 और अधिकतम 40 सीटें होंगी। दरअसल राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति आयोग (एनसीएएचपी) के ड्राफ्ट करिकुलम के अनुसार इसे लागू किया जा रहा है। इसमें एक ही कोर्स में छात्र सीटी, एमआरआई और एक्सरे टीनों की ट्रेनिंग ले सकेंगे। इससे उन छात्र-छात्राओं को लाभ होगा जो रेडियोलॉजी टेक्नीशियन बनना चाहते हैं। वहीं अस्पतालों को भी मल्टी स्किल वाले टेक्नीशियन मिल सकेंगे। फिलहाल यह मान्यता अंतरिम तौर पर दी गई है। एनसीएएचपी द्वारा फाइनल पाठ्यक्रम जारी होते ही सभी संस्थानों को वही लागू करना होगा。


