UP Election Results 2019: Grand alliance fail in UP Know between who gains and who lost in BSP and SP - यूपी में सफल नहीं रहा महागठबंधन का प्रयोग: जानें किसे हुआ फायदा और किसे नुकसान DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यूपी में सफल नहीं रहा महागठबंधन का प्रयोग: जानें किसे हुआ फायदा और किसे नुकसान

akhilesh yadav and mayawati ht

उत्तर-प्रदेश से भाजपा को उखाड़ फेंकने के संकल्प के साथ गठित सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन को लोकसभा चुनाव में उम्मीद से कहीं कम सफलता हाथ लगी। प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से कम से कम 60 सीटें जीतने की उम्मीद कर रहे गठबंधन को महज 15 सीटें ही मिली हैं। वोट प्रतिशत के लिहाज से देखें तो सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन का प्रयोग बिल्कुल नाकाम साबित हुआ। एक-दूसरे को अपना वोट अंतरित करने का दावा कर रही सपा और बसपा का वोट प्रतिशत बढ़ने के बजाय घट गया।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जहां सपा को 22.35 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा घटकर 17.96 फीसद ही रह गया। पिछली बार बसपा को 19.77 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे, जो इस बार घटकर 19.26 फीसद रह गये। जहां तक रालोद का सवाल है तो पिछली बार की तरह ही वह इस बार भी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रहा। हालांकि उसका वोट प्रतिशत 0.86 प्रतिशत से बढ़कर 1.67 फीसद हो गया। वैसे यह गठजोड़ वर्ष 2014 में एक भी सीट नहीं जीतने वाली बसपा के लिये संजीवनी साबित हुआ। वोट प्रतिशत में गिरावट के बावजूद उसे इस दफा 10 सीटें मिलीं, जबकि सपा को पिछली बार की ही तरह इस बार भी पांच सीटों से संतोष करना पड़ा।

'मोदी लहर' से बिगड़ी विपक्ष की चाल, जानें कैसी होगी 17वीं लोकसभा

बसपा की झोली में अम्बेडकर नगर, अमरोहा, बिजनौर, गाजीपुर, घोसी, जौनपुर, लालगंज, नगीना, सहारनपुर और श्रावस्ती सीटें आयीं। वहीं, सपा को आजमगढ़, मैनपुरी, मुरादाबाद, रामपुर और सम्भल सीटें ही मिल सकीं। हालांकि यादव कुनबे के लिहाज से देखें तो इस बार का चुनाव उसके लिये करारा झटका साबित हुआ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव क्रमश: आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव जीतने में जरूर कामयाब रहे। मगर अखिलेश की पत्नी एवं कन्नौज की मौजूदा सांसद डिम्पल यादव को भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक के हाथों 12353 मतों से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इसके अलावा फिरोजाबाद सीट से अखिलेश के चचेरे भाई अक्षय यादव और बदायूं सीट से चचेरे भाई धर्मेन्द्र यादव को अपनी-अपनी सीट गंवानी पड़ी।

प्रचंड मोदी लहर में भी अपनी सीट नहीं बचा पाए NDA सरकार के ये 5 मंत्री

गठबंधन के भविष्य को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने तो सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन सपा की ओर से इस बारे में अभी तक कोई ठोस बात सामने नहीं आयी है। मायावती ने चुनाव नतीजों की घोषणा के बीच संवाददाताओं से कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ गठबंधन के सभी उम्मीदवारों को जिताने के लिये जी-जान से प्रयास किया है, उसके लिये वह उनका आभार प्रकट करती हैं।

दूसरी ओर, सपा विचार-मंथन की मुद्रा में है। अपने वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव की नाराजगी और उनके अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने से भी सपा को नुकसान हुआ है। सपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पार्टी नेताओं के साथ बैठक करके परिणामों की समीक्षा की।

राज बब्बर ने ली हार की जिम्मेदारी, राहुल गांधी को भेजा इस्तीफा

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:UP Election Results 2019: Grand alliance fail in UP Know between who gains and who lost in BSP and SP