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अमेठी पहुंचीं स्मृति ईरानी, भाजपा कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह की अर्थी को दिया कंधा

smriti irani in amethi   photo hindustan

1 / 3Smriti Irani in Amethi. (Photo Hindustan)

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2 / 3Smriti Irani in Amethi. (TV Video GraB)

surendra singh was the former head of baraulia village in amethi   ht   photo

3 / 3Surendra Singh was the former head of Baraulia village in Amethi. (HT PHOTO)

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केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां अपने करीबी पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह के शव को रविवार को कंधा दिया। सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। उनके शव को अंतिम दर्शन के लिए बरौलिया गांव लाया गया था। दिल्ली से लखनऊ पहुंचने के बाद स्मृति सड़क मार्ग से अमेठी पहुंची, और सुरेंद्र सिंह की शव-यात्रा में शामिल हुईं और उन्हें कंधा भी दिया। 

ईरानी इससे पहले सुरेंद्र सिंह के घर जाकर उनकी पत्नी, बेटियों और बेटे से मुलाकात की। उन्होंने कहा, "अब इस परिवार को संभालने की जिम्मेदारी मेरी है। सुरेंद्र के पुत्र अभय सिंह ने कहा कि हमें न्याय मिलना चाहिए। यह मेरी लड़ाई है मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाऊंगी।"

पूर्व प्रधान के पुत्र ने कहा, "मेरे पिता भाजपा नेता स्मृति ईरानी के करीबी थे और लोकसभा चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी निभा रहे थे। जीत के लिए विजय यात्रा निकाली जा रही थी। यह बात कांग्रेस नेताओं को अच्छी नहीं लगी। शायद इसीलिए उनकी हत्या कर दी गई।"

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गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वारदात के बाद पुलिस ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार देर रात दो बाइक सवार बदमाश आए और उन्हें घर से बाहर बुलाया। सुरेंद्र जैसे ही बाहर आए बदमाशों ने उनके सिर में गोली मारकर दी और फरार हो गए। घायल अवस्था में ग्रामीण उन्हें पीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते वक्त रास्ते में ही सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया।

हत्या का कारण चुनावी रंजिश बताई जा रही है। इलाके में सुरेंद्र का काफी प्रभाव था, जिसका लाभ स्मृति ईरानी को मिला। करीबी बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में स्मृति की जीत के बाद उनका कद काफी बढ़ गया था, जो कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा था। वह स्मृति ईरानी के काफी करीबी थे। पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह के चचेरे भाई राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सुरेंद्र की हत्या राजनीतिक रंजिश में की गई। इलाके में उनका काफी प्रभाव था।

 

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सुरेंद्र सिंह 2017 तक भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पद पर थे, लेकिन उप्र विधानसभा चुनाव 2017 में नंदमहर में अखिलेश यादव की सभा के बाद सपा में शामिल हो गए थे। लेकिन चुनाव बाद वापस भाजपा में लौट आए थे। गौरीगंज तहसील क्षेत्र के बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की हत्या के बाद गांव में शांति व्यवस्था के मद्देनजर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।

अपर पुलिस अधीक्षक दया राम ने रविवार को बताया कि बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह को शनिवार रात करीब 11.30 बजे अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटना की जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि इस घटना के राजनीतिक हत्या होने से इंकार नहीं किया जा सकता। सभी पहलुओं पर जांच हो रही है। सिंह पूर्व प्रधान रहे हैं इसलिए यह पुरानी रंजिश का मामला भी हो सकता है।

लोकसभा चुनाव के दौरान जूता वितरण प्रकरण में सुरेंद्र सिंह काफी चर्चा में रहे थे। उन्हें स्मृति ईरानी का करीबी माना जाता था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने स्मृति ईरानी पर बरौलिया गांव के लोगों को जूते बांटने का आरोप लगाते हुए इसे अमेठी के लोगों का अपमान बताया था। बरौलिया गांव को पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया था।

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  • Web Title:UP DGP OP Singh on murder of Surendra Singh We are confident of solving the case in the next 12hrs