एक लाख युवाओं को मिलेगी जल्द मिलेगी नौकरी, दो करोड़ नौजवानों को देंगे टैबलेट : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ साल में साढ़े नौ लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है। जल्द 45,000 होमगार्ड और 36,000 पुलिस भर्ती की जाएगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया पर आरोप लगाया कि उन्होंने पत्रकारों के खिलाफ हिंसा की है। सपा के जेपीएनआईसी में भ्रष्टाचार का भी जिक्र किया।

देवरिया, वरिष्ठ संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि पिछले नौ साल में साढ़े नौ लाख लोगों को सरकारी नौकरी प्रदेश सरकार दे चुकी है। जल्द ही प्रदेश में और एक लाख को नौकरी और दो करोड़ नौजवानों को टैबलेट दिया जाएगा। वे देवरिया के मझौलीराज में सलेमपुर और भाटपारानी विधानसभा क्षेत्र की संयुक्त जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने दोनों विधानसभा क्षेत्रों की 305 करोड़ रुपए की 80 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि नौकरियों की कमी नहीं है। जल्द ही 45 हजार होमगार्ड, 36 हजार पुलिस (4 हजार सब इंस्पेक्टर) की भर्ती होगी। उप्र पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत अलग-अलग विभागों में 30 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। शिक्षकों की भर्ती भी करेंगे। यूपीटीईटी की परीक्षा में 13 लाख नौजवान उत्तीर्ण हुए हैं। इस भर्ती का अधियाचन जा चुका है, विज्ञापन जारी होने वाला है। इन नौजवानों के लिए भी जल्द ही नौकरी का खजाना निकलने वाला है। सीएम ने कहा कि दो करोड़ नौजवानों को टैबलेट देंगे। 50 लाख से अधिक नौजवान पा चुके हैं, 25 लाख का फिर से ऑर्डर दिया गया है। स्नातक अंतिम वर्ष के सभी बच्चे को टैबलेट देंगे। अब नौकरी में अब कोई सेंध नहीं लगा पाता, सपा मुखिया को इसी बात की चीढ़ है। अब हर जनपद के नौजवानों को नौकरी मिलती है। नौजवान के लिए हर जगह नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार है। हर न्याय पंचायत स्तर पर डिजिटल इंटर प्रेन्योर के रूप में नौजवान को कार्य देंगे.
सच्चाई बताने पर पत्रकारों के गले पर तलवार रखते थे अखिलेश यादव
मुख्यमंठी योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा किया। कहा कि सपा के ‘बबुआ’ 12 बजे सोकर उठते हैं। इससे उनका दिमाग भारी रहता है और वह झुंझलाते हैं। पत्रकारों के सवाल पर वह गालीगलौज व हाथापाई करने पर उतारू होते हैं। मैंने सुना कि अखिलेश यादव ने एक बार पत्रकार के गले पर तलवार रख दिया था। मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में है। यदि कोई सरकार-प्रशासन गलत करता है तो मीडिया ध्यानाकर्षण करती है, लेकिन जब मीडिया ने बबुआ की सच्चाई उजागर की तो उन्होंने पत्रकार के गले पर तलवार रख दी.
जैसे कभी जनता दल के हाल हुए थे, वही हाल सपा के भी होंगे
सीएम ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिसमें एक ही परिवार के सब लोग मिलेंगे। सपा मुखिया कहते हैं कि एक ही परिवार के पांच सांसद हैं, इसलिए पार्टी बची है। हमने कहा कि खैर मनाइए कि सपा बची है, वरना हाल ऐसे ही होंगे जैसे जनता दल के हुए थे.
जेपीएनआईसी के नाम पर हुई लूट
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा ने अपनी विचारधारा के संस्थापक को भी नहीं छोड़ा। प्रदेश में जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर के नाम पर करोड़ों की लूट हुई है। लखनऊ में बने जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) की प्रारंभिक लागत 200 करोड़ थी। सपा ने इस पर 864 करोड़ खर्च कर दिया, तब भी यह अधूरा रहा। यह 200 करोड़ ‘सैफई सिंडिकेट’ का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का पैसा है। जनता का पैसा यह पानी की तरफ बहाते थे। यदि अब सरकार उस पर पैसा लगाएगी तो कम से कम 150-200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। समाजवादी पार्टी खजाने से 900-1000 करोड़ खर्च करके जेपीएनआईसी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को देना चाहते थे.
खजाने में डकैती डालने का पाप करने वाले सपा मुखिया मांगें माफी
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा की मंशा थी कि सरकार के पैसे से बने जेपीएनआईसी को प्रा. लि. कंपनी चलाएगी। इसमें होटल, क्लब, जिम आदि रहेगा और कमाई भी घर में ही जाएगी। इस घर के अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव व इनके शागिर्द प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर प्रदेश के खजाने पर डकैती डाल रहे थे। 2017 में हमारी सरकार आई तो हमने उसे लखनऊ विकास प्राधिकरण को दे दिया, एलडीए ने जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद विज्ञापन निकाला। सरकार से हम अब उस पर पैसा खर्च करने को तैयार नहीं थे बल्कि जो पैसा खर्च हुआ है, वह सरकार के खजाने में आए। इसके लिए सरकार ने व्यवस्था प्रारंभ की है। जिस पैसे से युवाओं को रोजगार, गांव की कनेक्टिविटी के लिए फ्लाईओवर, इनोवेशन सेंटर, विश्वविद्यालय आदि बनते, अपनी अय्याशी के लिए प्रदेश के उस खजाने में डकैती डालने के लिए सपा मुखिया को जनता से माफी मांगनी चाहिए.


